नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। कांग्रेस ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली आयोजित करने की घोषणा की है। पार्टी इस रैली के माध्यम से एसआईआर प्रक्रिया को रोकने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाएगी। वहीं, भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए तेलंगाना में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत पदयात्रा निकालने का ऐलान किया है। इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 2 नवंबर को शामिल होंगे।
रामलीला मैदान में जुटेंगे कांग्रेस कार्यकर्ता
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर वीडियो संदेश जारी कर रैली की जानकारी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर की प्रक्रिया और कथित वोट चोरी से देश के नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों पर खतरा पैदा हो रहा है। खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर केंद्र सरकार के प्रभाव में काम करने का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की।
खरगे ने कहा कि मताधिकार की रक्षा करना लोकतंत्र के लिए जरूरी है। उन्होंने महंगाई का मुद्दा भी उठाया और केंद्र सरकार पर आम लोगों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। कांग्रेस अध्यक्ष ने समर्थकों से रैली में शामिल होकर संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा के अभियान को मजबूत करने की अपील की।
तेलंगाना में अमित शाह की पदयात्रा
कांग्रेस के आरोपों के बीच भाजपा ने भी अपनी रणनीति तेज कर दी है। तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने बताया कि अमित शाह 2 नवंबर को राज्य में आयोजित पदयात्रा में हिस्सा लेंगे। इस अभियान का उद्देश्य कांग्रेस के आरोपों का जवाब देना और पार्टी के अनुसार राज्य में फैल रही अराजकता के खिलाफ आवाज उठाना है।
राव ने कांग्रेस पर राजनीतिक माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा के लिए जनता के बीच जाएगी और एसआईआर को लेकर फैलाए जा रहे कथित भ्रम को दूर करेगी।
मतदाता सूची से नाम हटने पर आमने-सामने दोनों दल
एसआईआर प्रक्रिया के दौरान करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने संबंधी कांग्रेस के आरोपों को राव ने गलत बताया। उनके मुताबिक, सूची से हटाए गए नामों में मृत, अनुपस्थित, दूसरे स्थानों पर जा चुके और एक से अधिक जगह दर्ज मतदाताओं के नाम शामिल हैं।
राव ने दावा किया कि इनमें लगभग 2.8 करोड़ मतदाता मृत थे, जबकि तीन करोड़ लोग अनुपस्थित थे या जांच के दौरान बूथ-स्तरीय अधिकारियों को नहीं मिले। उन्होंने करीब 6.3 करोड़ लोगों के स्थायी रूप से दूसरे स्थानों पर चले जाने और लगभग एक करोड़ नामों के कई जगह दर्ज होने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि वास्तविक मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटे हैं तो उन्हें दोबारा जुड़वाने का विकल्प उपलब्ध है।
खरगे और राहुल गांधी पर भी निशाना
राव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर खरगे की टिप्पणियों की आलोचना की। उन्होंने कांग्रेस पर लगातार चुनावी हार के बावजूद सत्ता में लौटने की कोशिश में राजनीतिक आरोप लगाने का दावा किया। साथ ही, उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से खरगे की टिप्पणियों के विरोध में जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करने की अपील की।
तेलंगाना में जल संकट को लेकर भी राव ने कांग्रेस सरकार को घेरा। उन्होंने दावा किया कि कम बारिश के कारण राज्य के 300 से अधिक मंडलों में सूखे जैसे हालात हैं और हैदराबाद में प्रतिदिन हजारों पानी के टैंकर बुक किए जा रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी से इस समस्या पर ध्यान देने को कहा।
इस तरह एसआईआर, मताधिकार और महंगाई जैसे मुद्दों पर कांग्रेस के आंदोलन तथा भाजपा की जवाबी रणनीति से राजनीतिक संघर्ष और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
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