US: रूस यूक्रेन युद्ध पर ट्रंप के बदले तेवर, बोले अब कीव को खुद निकालना होगा रास्ता – The Hill News

US: रूस यूक्रेन युद्ध पर ट्रंप के बदले तेवर, बोले अब कीव को खुद निकालना होगा रास्ता

नई दिल्ली। रूस और यूक्रेन के बीच करीब चार साल से जारी युद्ध को समाप्त कराने की कोशिशों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ताजा बयान ने नई बहस छेड़ दी है। ट्रंप ने स्वीकार किया कि मौजूदा हालात में रूस युद्ध के मैदान में अधिक मजबूत स्थिति में दिखाई दे रहा है। उन्होंने यूक्रेन को अपनी स्थिति का आकलन करते हुए युद्ध समाप्त करने की दिशा में पहल करने की जरूरत बताई। उनके बयान से संकेत मिलता है कि वाशिंगटन अब कीव पर समझौते के लिए दबाव बढ़ा सकता है।

ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि रूस लगातार आगे बढ़ रहा है, जबकि यूक्रेन के लिए अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों को बचाए रखना चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि मॉस्को ने यूक्रेन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया है। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि यूक्रेन को आर्थिक और सैन्य सहायता देने के बदले अमेरिका को आखिर क्या हासिल हुआ।

रूस की सैन्य बढ़त का किया जिक्र

ट्रंप ने रूस की सैन्य ताकत का उल्लेख करते हुए उसे ऐसी बड़ी मशीन बताया, जो लगातार आगे बढ़ रही है। उनके मुताबिक, युद्ध के मौजूदा हालात यूक्रेन के लिए मुश्किल होते जा रहे हैं। ऐसे में कीव को यह तय करना होगा कि वह संघर्ष को समाप्त करने के लिए किस तरह का रास्ता अपनाना चाहता है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी संकेत दिया कि युद्ध को समाप्त करने के लिए केवल बाहरी सहायता पर्याप्त नहीं है। यूक्रेन को भी शांति की दिशा में अपनी इच्छा और पहल दिखानी होगी। हालांकि, उनके बयान से यह स्पष्ट नहीं हुआ कि अमेरिका भविष्य में यूक्रेन को दी जाने वाली सहायता में कोई बड़ा बदलाव करने जा रहा है या नहीं।

पुतिन और जेलेंस्की के बीच मतभेद बड़ी बाधा

ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के बीच गहरे अविश्वास को शांति वार्ता की प्रमुख बाधाओं में से एक बताया। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के बीच आपसी दुश्मनी के कारण बातचीत के जरिए किसी समझौते तक पहुंचना कठिन हो रहा है।

इससे पहले अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकोफ और जेलेंस्की के बीच नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में मुलाकात हुई थी। इस बातचीत में युद्ध को रोकने और रूस के हमलों पर विराम लगाने की संभावनाओं पर चर्चा किए जाने की जानकारी सामने आई थी। हालांकि, अब तक संघर्ष समाप्त करने के लिए कोई अंतिम सहमति नहीं बन पाई है।

रूस के प्रति अमेरिकी रुख में बदलाव की चर्चा

ट्रंप के हालिया बयानों के बीच रूस के प्रति अमेरिकी नीति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। यूक्रेन युद्ध के दौरान वाशिंगटन ने कीव को आर्थिक सहायता और सैन्य उपकरण उपलब्ध कराए हैं। लेकिन युद्ध लंबा खिंचने और इसके आर्थिक प्रभावों के कारण अमेरिकी सहायता की उपयोगिता पर बहस होती रही है।

ऊर्जा बाजार की परिस्थितियां भी इस मुद्दे को प्रभावित कर रही हैं। ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी और घरेलू महंगाई को नियंत्रित करना अमेरिकी प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण विषय बने हुए हैं। रूस से ऊर्जा खरीद और उससे जुड़े प्रतिबंधों में संभावित रियायतों पर चर्चा इसी व्यापक आर्थिक संदर्भ में देखी जा रही है।

युद्ध समाप्त कराने की कोशिशों पर सवाल

ट्रंप पहले भी रूस-यूक्रेन युद्ध को जल्द समाप्त कराने की इच्छा जता चुके हैं। हालांकि, लगातार जारी लड़ाई और दोनों पक्षों के बीच मतभेदों के कारण अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। युद्ध के मैदान में स्थिति, क्षेत्रीय नियंत्रण और सुरक्षा गारंटी जैसे मुद्दे किसी भी समझौते के लिए अहम बने हुए हैं।

ट्रंप का ताजा बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका की घरेलू राजनीति और आर्थिक परिस्थितियां भी विदेश नीति को प्रभावित कर रही हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वाशिंगटन रूस और यूक्रेन के बीच बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए क्या कदम उठाता है और क्या कीव तथा मॉस्को किसी स्वीकार्य समझौते पर पहुंच पाते हैं। फिलहाल, युद्ध समाप्त होने की उम्मीदों के बावजूद दोनों देशों के बीच स्थायी शांति का रास्ता चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

 

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