देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को पुलिस लाइन देहरादून में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रम में शहीद पुलिस एवं अर्धसैनिक बलों के जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को सम्मानित किया और पुलिस विभाग को मजबूत बनाने तथा कर्मचारियों के कल्याण के लिए आठ महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड पुलिस की विभिन्न इकाइयों में करीब 1,600 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। इसके साथ ही थानों के आवश्यक कार्यों के लिए वार्षिक बजट चार करोड़ रुपये से बढ़ाकर आठ करोड़ रुपये किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। पिछले एक वर्ष में देशभर में 154 जवानों ने कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राण न्योछावर किए। इनमें उत्तराखंड पुलिस के उपनिरीक्षक विनोद कुमार भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि शहीद जवानों का त्याग पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक वीर जवानों के साहस, समर्पण और बलिदान की याद दिलाता है।
पुलिसकर्मियों की सुविधाओं में होगा विस्तार
मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग की कार्यक्षमता बढ़ाने और कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कई घोषणाएं कीं। पुलिस के विभिन्न विभागों में लगभग 1,600 रिक्त पदों पर भर्ती शुरू करने के साथ थानों और चौकियों में कर्मचारियों की जरूरत के अनुसार पदों और व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी। जांच प्रक्रिया को आधुनिक बनाने के लिए विवेचकों को आधुनिक जांच किट उपलब्ध कराई जाएंगी।
इसके अलावा प्रदेश के सभी पुलिस मॉडर्न स्कूलों को बेहतर बनाने, देहरादून में पुलिसकर्मियों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल और बहुमंजिला बैरक बनाने तथा पुलिस अस्पताल का उच्चीकरण करने की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मियों के साथ उनके परिवारों की जरूरतों का ध्यान रखना भी सरकार की प्राथमिकता है।
नशे और साइबर अपराध पर सख्ती की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में नशे की तस्करी और साइबर अपराध पुलिस के सामने बड़ी चुनौतियां हैं। नशे की रोकथाम के लिए प्रदेश में त्रिस्तरीय एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स गठित की गई है। ड्रग फ्री उत्तराखंड के लक्ष्य को हासिल करने के लिए नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने कहा कि इंटरनेट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल के बीच साइबर अपराधों से निपटने के लिए पुलिस को आधुनिक तकनीक और विशेष प्रशिक्षण से लैस करना आवश्यक है। इसके लिए करीब 32 करोड़ रुपये की लागत से स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर का निर्माण किया जा रहा है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रत्येक थाने में महिला हेल्प डेस्क के तहत क्विक रिस्पॉन्स टीम भी गठित की गई है।
चारधाम और कांवड़ यात्रा में पुलिस की भूमिका की सराहना
मुख्यमंत्री ने इस वर्ष कांवड़ यात्रा में करीब पांच करोड़ श्रद्धालुओं और चारधाम यात्रा में 60 लाख से अधिक यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने में पुलिस के योगदान की सराहना की। उन्होंने बताया कि उत्कृष्ट सेवाओं के लिए इस वर्ष 319 पुलिसकर्मियों को विभिन्न पदकों और सम्मान चिह्नों से सम्मानित किया गया है। उत्तराखंड पुलिस को प्रतिष्ठित प्रेसिडेंट्स पुलिस कलर्स के लिए नामित किया जाना भी प्रदेश के लिए गौरव की बात है।
उन्होंने बताया कि पुलिस आवास संतुष्टि दर 18 प्रतिशत से बढ़कर 22 प्रतिशत हो गई है और इसे 30 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इस वर्ष 785 पुलिसकर्मियों को पदोन्नति दी गई। नागरिक पुलिस में 1,573 और पीएसी में 370 आरक्षियों की सीधी भर्ती हुई है। वहीं, उपनिरीक्षक, प्लाटून कमांडर और अग्निशमन द्वितीय अधिकारी के 222 पदों की भर्ती प्रक्रिया पूरी की गई है।
शहीद परिवारों और पुलिसकर्मियों के कल्याण पर जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि मृतक पुलिसकर्मियों के 24 आश्रितों को नियुक्तियां दी गई हैं। चालू वित्तीय वर्ष में थानों, अग्निशमन केंद्रों, बैरकों, मैस और अन्य कार्यस्थलों के लिए 58 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की गई है। पुलिसकर्मियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने तनाव प्रबंधन के लिए नियमित कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने बताया कि राज्य गठन के बाद से अब तक उत्तराखंड पुलिस के 206 जवान कर्तव्य पालन के दौरान शहीद हुए हैं। इस वर्ष शहीद पुलिसकर्मियों के आश्रित परिवारों को पुलिस शहीद कोष से लगभग 50 लाख रुपये की सहायता दी गई है। पुलिस सैलरी पैकेज के तहत अब तक करीब 31 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की गई है।
उन्होंने बताया कि एम्स ऋषिकेश में चौबीसों घंटे संचालित पुलिस हेल्प डेस्क स्थापित की जा रही है। जीवन रक्षक निधि से इस वर्ष 25 पुलिसकर्मियों को एक करोड़ 16 लाख रुपये की सहायता दी गई, जबकि 446 मेधावी बच्चों को 34 लाख रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की गई।
कार्यक्रम में हरिद्वार के सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री खजान दास, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक सविता कपूर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ सहित वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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