नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के चयन में बदलाव के बाद लंबे समय से राष्ट्रीय टीम से बाहर चल रहे खिलाड़ियों की वापसी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। पूर्व तेज गेंदबाज अजीत अगरकर के मुख्य चयनकर्ता पद से हटने के बाद भुवनेश्वर कुमार और क्रुणाल पांड्या की टीम में वापसी ने दूसरे खिलाड़ियों के लिए भी उम्मीद जगाई है। घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले कई खिलाड़ी अब राष्ट्रीय टीम में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर सकते हैं।
नए मुख्य चयनकर्ता प्रज्ञान ओझा की अध्यक्षता में न्यूजीलैंड दौरे के लिए चुनी गई टी20 टीम में भुवनेश्वर कुमार और क्रुणाल पांड्या को मौका मिलने की खबर ने चयन प्रक्रिया को लेकर नई बहस शुरू कर दी है। दोनों खिलाड़ी लंबे समय से घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में अपनी उपयोगिता साबित करने में जुटे थे। उनकी वापसी के बाद अब उन क्रिकेटरों पर भी नजरें हैं, जो प्रदर्शन के बावजूद भारतीय टीम में जगह नहीं बना सके हैं।
मोहम्मद शमी की वापसी पर नजरें
भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी उन खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिनकी राष्ट्रीय टीम में वापसी की चर्चा लंबे समय से हो रही है। चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के बाद से वह टीम से बाहर हैं। इस दौरान उनकी फिटनेस और चयन को लेकर कई बार सवाल उठे। शमी घरेलू क्रिकेट में सक्रिय रहे हैं और अपनी गेंदबाजी के जरिए वापसी का दावा मजबूत करने की कोशिश करते रहे हैं।
पूर्व मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने पहले शमी की फिटनेस को लेकर जानकारी की कमी का जिक्र किया था। वहीं, शमी का कहना था कि चयनकर्ताओं ने उनसे उनकी फिटनेस के बारे में पर्याप्त बातचीत नहीं की। ऐसे में भुवनेश्वर कुमार की वापसी के बाद शमी को भी अवसर मिलने की संभावनाओं पर चर्चा हो रही है। हालांकि, उनकी वापसी का फैसला फिटनेस, प्रदर्शन और टीम की जरूरतों के आधार पर ही होगा।
उमेश यादव ने घरेलू क्रिकेट में दिखाई क्षमता
तेज गेंदबाज उमेश यादव भी भारतीय टीम में वापसी की उम्मीद रखने वाले खिलाड़ियों में शामिल हैं। लंबे समय तक भारतीय टेस्ट टीम का हिस्सा रहे उमेश पिछले कुछ समय से राष्ट्रीय टीम से बाहर हैं। उन्होंने लंबे अंतराल के बाद रणजी ट्रॉफी में वापसी की और पंजाब की ओर से खेलते हुए असम के खिलाफ पहली पारी में पांच विकेट हासिल किए।
इस प्रदर्शन से उन्होंने अपनी गेंदबाजी क्षमता का परिचय दिया है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी के लिए उन्हें लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा। घरेलू क्रिकेट में उनकी सफलता चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित कर सकती है।
दीपक चाहर को भी मिल सकता है अवसर
स्विंग गेंदबाजी के लिए पहचाने जाने वाले दीपक चाहर भी वापसी की दौड़ में शामिल हैं। चोटों के कारण उनका करियर कई बार प्रभावित हुआ और उन्हें भारतीय टीम से बाहर रहना पड़ा। फिटनेस हासिल करने के बाद भी उन्हें नियमित अवसर नहीं मिल पाए हैं।
दीपक की खासियत उनकी स्विंग गेंदबाजी के साथ उपयोगी बल्लेबाजी भी है। सीमित ओवरों के क्रिकेट में यह क्षमता टीम के लिए अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध करा सकती है। हार्दिक पांड्या और नीतीश कुमार रेड्डी की फिटनेस से जुड़ी चुनौतियों के बीच दीपक जैसे खिलाड़ी टीम संयोजन में उपयोगी साबित हो सकते हैं। हालांकि, चयन उनकी मौजूदा फिटनेस और प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।
रजत पाटीदार की दावेदारी पर भी चर्चा
मध्यक्रम के बल्लेबाज रजत पाटीदार भी उन खिलाड़ियों में हैं, जो राष्ट्रीय टीम में वापसी की उम्मीद कर सकते हैं। उन्होंने वर्ष 2024 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के दौरान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में उनके प्रदर्शन ने उनकी बल्लेबाजी क्षमता को सामने रखा है।
भारतीय टेस्ट टीम के मध्यक्रम में प्रतिस्पर्धा के बीच पाटीदार अपनी जगह मजबूत करने का प्रयास कर सकते हैं। घरेलू क्रिकेट में निरंतरता और बड़े स्कोर उनके पक्ष में जा सकते हैं।
फिलहाल इन खिलाड़ियों की वापसी को लेकर कोई निश्चित फैसला सामने नहीं आया है। भुवनेश्वर कुमार और क्रुणाल पांड्या की वापसी से चयन संबंधी चर्चाओं को जरूर गति मिली है। अब देखना होगा कि आने वाली सीरीज और घरेलू प्रतियोगिताओं में प्रदर्शन के आधार पर चयनकर्ता किन खिलाड़ियों को राष्ट्रीय टीम में मौका देते हैं।
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