Punjab: बंदी सिंहों की रिहाई के लिए हर कानूनी रास्ता अपनाएगी पंजाब सरकार, हवारा की पैरोल पर केंद्र से फिर उठेगा मामला – The Hill News

Punjab: बंदी सिंहों की रिहाई के लिए हर कानूनी रास्ता अपनाएगी पंजाब सरकार, हवारा की पैरोल पर केंद्र से फिर उठेगा मामला

चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि राज्य सरकार बंदी सिंहों की रिहाई के लिए सभी कानूनी और संवैधानिक विकल्पों पर काम करेगी। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित इस मुद्दे को अनिश्चितकाल तक अनसुलझा नहीं छोड़ा जा सकता। मुख्यमंत्री ने कौमी इंसाफ मोर्चा, किसान यूनियनों और अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के दौरान यह बात कही। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार कानून के दायरे में रहते हुए इस मामले में हरसंभव सहयोग करेगी।

बैठक में जगतार सिंह हवारा को अपनी बीमार मां से मिलने के लिए पैरोल देने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। मुख्यमंत्री के अनुसार, पंजाब सरकार ने केंद्र सरकार और राज्यपाल को भरोसा दिलाया था कि हवारा को पैरोल मिलने की स्थिति में प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की पूरी जिम्मेदारी निभाई जाएगी। इसके बावजूद केंद्र की ओर से अब तक मंजूरी नहीं मिलने का मुद्दा बैठक में उठाया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बंदी सिंहों के मामले में राज्य सरकार की मंशा और प्रतिबद्धता स्पष्ट है। सरकार न्याय के पक्ष में खड़ी है और संवैधानिक दायरे में रहते हुए समाधान निकालने का प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि यदि हवारा को कुछ दिनों की पैरोल दी जाती है, तो इससे शांति और आपसी भाईचारे को बनाए रखने का संदेश दिया जा सकता है। साथ ही, इससे अन्य बंदी सिंहों की रिहाई से जुड़े मामलों में भी आगे की प्रक्रिया का रास्ता खुलने की संभावना है।

प्रतिनिधिमंडल ने उठाए रिहाई से जुड़े मुद्दे

बैठक में रामपुर खेड़ा के संत सेवा सिंह, बठिंडा के गुरदीप सिंह, भाई मोहकम सिंह, गुरसेवक सिंह काहनेके, बाबा भूपिंदर सिंह और किसान नेता बूटा सिंह बुर्जगिल सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रतिनिधिमंडल ने बंदी सिंहों की रिहाई और पैरोल से जुड़े मामलों पर सरकार के समक्ष अपनी मांगें रखीं।

मुख्यमंत्री ने सिख संगठनों से अपील की कि वे अपना संघर्ष शांतिपूर्ण तरीके से और कानून के दायरे में रहकर जारी रखें। उन्होंने कहा कि कुछ समूह ऐसे आंदोलनों को प्रभावित करने और सिख समुदाय की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसे में सभी पक्षों को संयम और शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ना चाहिए।

भ्यौरा और तारा की पैरोल का मामला भी उठेगा

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुड़ैल जेल में बंद परमजीत सिंह भ्यौरा और जगतार सिंह तारा की पैरोल के मुद्दे पर कहा कि यह मामला चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकार क्षेत्र में आता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस विषय को चंडीगढ़ के प्रशासक एवं राज्यपाल के समक्ष उठाया जाएगा, ताकि संबंधित कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं पर विचार किया जा सके।

बैठक में मौजूद पंजाब के महाधिवक्ता मनिंदरजीत सिंह बेदी को मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी मामलों की कानूनी स्थिति का विस्तार से अध्ययन किया जाए और उचित समाधान तलाशा जाए।

इस बैठक में पंजाब के मुख्य सचिव केएपी सिन्हा, गृह मामले विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आलोक शेखर, विशेष डीजीपी पीके सिन्हा, जेल विभाग की प्रमुख सचिव भावना गर्ग, मुख्यमंत्री के विशेष प्रधान सचिव कुमार अमित और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। अब इन मामलों में सरकार की अगली कानूनी पहल और केंद्र तथा संबंधित प्रशासन के साथ होने वाली बातचीत पर नजर रहेगी।

 

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