बरेली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बरेली में ग्राम प्रहरियों को सम्मानित किया और गांवों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश में वर्ष 2017 के बाद हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में अब त्योहारों के दौरान उपद्रव की घटनाओं में कमी आई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बदली हुई स्थिति का प्रमाण बरेली सहित विभिन्न जनपदों में देखने को मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि गांवों में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए ग्राम प्रहरियों की सतर्कता बेहद जरूरी है। यदि समाज के अंतिम पायदान पर मौजूद व्यक्ति भी जागरूक और सजग है, तो सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में मदद मिलती है। उन्होंने ग्राम प्रहरियों से पुलिस के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने की अपील की। उनके मुताबिक, गांवों में होने वाली गतिविधियों पर नजर रखने में ग्राम प्रहरी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
गांवों की सुरक्षा में ग्राम प्रहरियों की अहम भूमिका
योगी आदित्यनाथ ने ग्राम प्रहरियों की जिम्मेदारियों की तुलना सीसीटीवी कैमरों से करते हुए कहा कि वे गांवों में सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करने वाले महत्वपूर्ण कड़ी हैं। स्थानीय स्तर पर होने वाली गतिविधियों की जानकारी पुलिस तक पहुंचाने से समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रहरियों की सक्रियता से गांवों में सतर्कता बढ़ती है और पुलिस को भी जरूरी सूचनाएं मिलती हैं।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए पुलिस और ग्राम प्रहरियों के बीच बेहतर समन्वय होना चाहिए। गांवों में किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी समय पर मिलने से कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियों का सामना करने में सहायता मिल सकती है।
मानदेय में बढ़ोतरी का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों के मानदेय में की गई बढ़ोतरी का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में ग्राम प्रहरियों को 1,500 रुपये मानदेय दिया जाता था, जिसे वर्ष 2019 में बढ़ाकर 2,500 रुपये किया गया। उन्होंने मानदेय में आगे भी बढ़ोतरी किए जाने की बात कही और बताया कि इससे संबंधित सुविधाओं को बेहतर बनाने पर काम किया जा रहा है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ग्राम प्रहरियों को आर्थिक सहायता के साथ स्वास्थ्य संबंधी सुरक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार की ओर से उन्हें कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा देने की बात कही गई। इसके अलावा, प्रत्येक वर्ष पांच लाख रुपये तक के स्वास्थ्य बीमा का लाभ देने की भी जानकारी दी गई।
कानून-व्यवस्था में बदलाव का किया दावा
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले और उसके बाद की स्थिति की तुलना करते हुए कहा कि पहले त्योहारों के दौरान उपद्रव की घटनाएं सामने आती थीं, जबकि अब स्थिति में बदलाव आया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने के प्रयासों का उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायतों की संख्या का जिक्र करते हुए बताया कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में 68 हजार ग्राम पंचायतें थीं, जबकि वर्तमान में यह संख्या 57,600 से अधिक है। उन्होंने राजस्व ग्रामों का भी उल्लेख किया।
कार्यक्रम के दौरान ग्राम प्रहरियों के योगदान, उनकी जिम्मेदारियों और सुविधाओं पर विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री के संदेश का मुख्य उद्देश्य गांवों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए ग्राम प्रहरियों और पुलिस के बीच समन्वय बढ़ाना तथा उनकी भूमिका को प्रोत्साहित करना रहा।