देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने हाल ही में संपन्न छात्रसंघ चुनाव में जीत हासिल करने वाले सभी पदाधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि छात्र जीवन में मिलने वाली जिम्मेदारियां युवाओं के व्यक्तित्व विकास के साथ उनकी नेतृत्व क्षमता को मजबूत करने का भी अवसर देती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थी जीवन केवल पढ़ाई और परीक्षा तक सीमित नहीं होता। यह समय नेतृत्व, अनुशासन, संवाद, निर्णय लेने की क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारियों को समझने का भी महत्वपूर्ण दौर है। उन्होंने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों से छात्र-छात्राओं के हितों से जुड़े विषयों को प्राथमिकता देने और उनके साथ लगातार संवाद बनाए रखने का आह्वान किया।
संगठन और समाज के लिए भी करें काम
मुख्यमंत्री ने एबीवीपी की संगठनात्मक भूमिका पर चर्चा करते हुए कहा कि विद्यार्थी परिषद लंबे समय से छात्रहितों के साथ सामाजिक और राष्ट्रीय सरोकारों से जुड़े विषयों पर भी काम करती रही है। संगठन युवाओं में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, जिम्मेदारी और समाज के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने में भूमिका निभाता है।
उन्होंने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों से अपेक्षा की कि वे संगठन के मूल उद्देश्यों के अनुरूप विद्यार्थियों की समस्याओं को समझें और उनके समाधान के लिए सकारात्मक प्रयास करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी संगठन की ताकत उसके कार्यकर्ताओं की सक्रियता, अनुशासन, समर्पण और संगठन के प्रति प्रतिबद्धता से बढ़ती है।
उन्होंने युवाओं को व्यक्तिगत विकास के साथ संगठन और समाज के सशक्तीकरण में भी योगदान देने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा को सकारात्मक दिशा मिलने से राज्य और देश के विकास को नई गति मिल सकती है।
युवाओं को फ्यूचर रेडी बनने का संदेश
मुख्यमंत्री धामी ने तेजी से बदलती दुनिया का उल्लेख करते हुए युवाओं से स्वयं को लगातार अपडेट रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल माध्यमों और रोजगार के बदलते अवसरों ने युवाओं के सामने नई संभावनाएं और चुनौतियां दोनों पैदा की हैं।
उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल अपने अध्ययन या विषय तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्हें देश-दुनिया में हो रहे बदलावों, नई तकनीकों, सामाजिक विषयों और रोजगार के नए क्षेत्रों की जानकारी भी रखनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि लगातार सीखने और अपने ज्ञान व कौशल को समय के साथ विकसित करने वाले युवा ही भविष्य की चुनौतियों के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे।
रचनात्मक गतिविधियों में भी भागीदारी जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ रचनात्मक और सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी करनी चाहिए। इससे उनमें टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी की समझ विकसित होती है।
उन्होंने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि वे अपने कार्यों और व्यवहार से अन्य विद्यार्थियों के लिए उदाहरण पेश करेंगे। इस दौरान एबीवीपी पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री का आभार जताया और छात्रहित से जुड़े विषयों तथा आगामी कार्ययोजनाओं पर चर्चा की।
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