देहरादून। वसंत विहार क्षेत्र के बल्लीवाला स्थित नाथ वाटिका में भाजपा पार्षद के परिवार को कथित तौर पर खाने में नशीला पदार्थ देकर बेहोश करने और घर से नकदी व आभूषण ले जाने का मामला सामने आया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में घर में करीब 20 दिन पहले दिल्ली की एक एजेंसी के माध्यम से काम पर रखे गए घरेलू सहायक भरत थापा का नाम सामने आया है। पुलिस के अनुसार, उसने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया।
विजय पार्क वार्ड-36 की भाजपा पार्षद अमिता सिंह, उनके पति महिपाल और बेटे शुभम ने मंगलवार रात घर में खाना खाया था। पुलिस के मुताबिक, खाना खाने के कुछ समय बाद तीनों की तबीयत बिगड़ने लगी और वे बेहोश हो गए। इसके बाद घरेलू सहायक भरत थापा ने कथित तौर पर अपने साथियों को घर बुलाया। परिवार के सदस्य बेहोशी की हालत में थे और इसी दौरान घर से सोने के आभूषण और नकदी ले जाने की घटना हुई।
देर रात करीब पौने एक बजे परिवार के सदस्यों को होश आया। उस समय घर का सामान अस्त-व्यस्त मिला और घरेलू सहायक वहां मौजूद नहीं था। इसके बाद घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपितों की तलाश के लिए टीमों को लगाया गया।
परिवार के तीनों सदस्यों को उपचार के लिए सिनर्जी अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकीय उपचार के बाद महिपाल और उनके बेटे शुभम की स्थिति सामान्य होने पर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। वहीं, अमिता सिंह को चिकित्सकों ने निगरानी में रखा है। पुलिस घटना में इस्तेमाल किए गए नशीले पदार्थ और उसकी मात्रा समेत अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
एसपी सिटी शेखर चंद सुयाल के अनुसार, प्रारंभिक जांच में घरेलू सहायक भरत थापा और उसके साथियों की भूमिका सामने आई है। पुलिस घटनास्थल के आसपास और घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। साथ ही संदिग्धों की गतिविधियों और घटना के बाद उनकी आवाजाही की जानकारी जुटाई जा रही है।
जांच में यह भी सामने आया है कि अमिता सिंह की बेटी दिल्ली में रहती हैं और उन्होंने करीब 20 दिन पहले एक एजेंसी के माध्यम से भरत थापा को घरेलू काम के लिए रखा था। घर में काम करने के दौरान उसने परिवार के साथ रहकर खाना बनाने सहित अन्य घरेलू जिम्मेदारियां संभालीं। पुलिस अब संबंधित एजेंसी से उसके दस्तावेज, स्थायी पता और भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी जुटा रही है।
पुलिस को आशंका है कि घटना की योजना पहले से बनाई गई हो सकती है। जांच अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि आरोपितों ने परिवार के सदस्यों की दिनचर्या और घर में मौजूद नकदी व आभूषणों की जानकारी कैसे हासिल की। इसके अलावा घटना से पहले और बाद में आरोपितों के संपर्क में रहे लोगों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
पुलिस ने घरेलू सहायक समेत अन्य संदिग्धों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल गतिविधियों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। घटना के बाद क्षेत्र में भी सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
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