Israel: फ्लाईदुबई की उड़ान में घायल कैप्टन ने बचाई 174 यात्रियों की जान

तेल अवीव। फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में यात्रा के दौरान उस समय गंभीर स्थिति पैदा हो गई, जब सह-पायलट ने कथित तौर पर कैप्टन स्मित मछार पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले में कैप्टन गंभीर रूप से घायल हो गए और उनके शरीर से काफी खून बहने लगा। इसके बावजूद उन्होंने विमान को सुरक्षित रखने और उसमें सवार 174 लोगों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।

घटना के दौरान कैप्टन मछार को कई चोटें आईं। उनकी हालत बिगड़ रही थी और वह बेहोश होने की स्थिति में पहुंच गए थे। इसके बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोला। विमान में मौजूद यात्रियों ने स्थिति को समझते हुए पायलट की मदद के लिए आगे बढ़ना शुरू किया। इजरायल के एक डेंटिस्ट मूसायेव शोता उन शुरुआती यात्रियों में शामिल थे, जो कॉकपिट की ओर पहुंचे।

शोता के मुताबिक, उन्हें विमान में कुछ असामान्य होने का अंदेशा हुआ और उन्होंने स्थिति देखने के लिए तुरंत कॉकपिट की ओर जाने का फैसला किया। वहां पहुंचने पर उन्होंने कैप्टन को गंभीर रूप से घायल अवस्था में देखा। उनके सिर और हाथों से काफी खून बह रहा था। शोता ने बताया कि वह विमान में अकेले चिकित्सा विशेषज्ञ थे, इसलिए उन्होंने तुरंत कैप्टन को प्राथमिक उपचार देना शुरू किया।

उन्होंने खून बहने को नियंत्रित करने की कोशिश की और कैप्टन की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी। शोता के अनुसार, विमान के सऊदी अरब के तबुक में आपातकालीन लैंडिंग करने तक कैप्टन होश में थे और उनसे बातचीत कर रहे थे। कैप्टन ने बातचीत के दौरान अपनी उम्र 39 वर्ष बताई और यह भी बताया कि उनके दो बच्चे हैं।

शोता ने बताया कि कैप्टन के शरीर पर कई जगह चोटों के निशान थे। सिर और हाथों पर लगे घाव गंभीर थे और काफी रक्तस्राव हुआ था। लैंडिंग से कुछ समय पहले उनकी स्थिति में कुछ गिरावट भी आई, जिससे यात्रियों की चिंता बढ़ गई। इसके बावजूद वह संपर्क में बने रहे और विमान की सुरक्षित लैंडिंग तक स्थिति का सामना करते रहे।

शोता ने यह भी बताया कि हमले के बाद उन्होंने संदिग्ध सह-पायलट को काबू करने में मदद की। यात्रियों के सहयोग से विमान में पैदा हुए संकट को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया। इसके बाद विमान को तबुक में आपात स्थिति में उतारा गया, जहां सऊदी चिकित्सा टीम ने घायल कैप्टन का इलाज शुरू किया।

बाद में कैप्टन मछार के स्वास्थ्य को लेकर राहत की जानकारी सामने आई। शोता के अनुसार, उन्हें जानकारी मिली कि कैप्टन खतरे से बाहर हैं। घटना के बाद भारत के रियाद स्थित दूतावास और जेद्दा स्थित महावाणिज्य दूतावास ने भी कैप्टन के स्वास्थ्य पर नजर बनाए रखने की जानकारी दी।

उड़ान के दौरान हुई इस घटना में कैप्टन के घायल होने के बावजूद विमान की स्थिति को संभालने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की कोशिश ने उन्हें घटना के प्रमुख केंद्र में ला दिया। यात्रियों की मदद और समय पर दिए गए प्राथमिक उपचार ने भी घायल कैप्टन की स्थिति संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

 

Pls read:Israel: ट्रंप की गाजा शांति योजना पर नेतन्याहू ने जताई असहमति

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *