Nepal: नेपाल में 2,482 से अधिक लोग लापता, भारत ने शुरू किया राहत अभियान

काठमांडू।

नेपाल और तिब्बत के सीमावर्ती क्षेत्रों में भोटे कोशी और त्रिशूली नदियों में आई विनाशकारी बाढ़ ने भीषण तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक कम से कम 626 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 2,482 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। संकट की इस घड़ी में भारत ने पड़ोसी धर्म निभाते हुए बड़े पैमाने पर मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियान शुरू किया है। भारतीय वायुसेना का एक विशेष विमान C-130J प्रभावित लोगों के लिए करीब 10 टन आवश्यक जीवन रक्षक सामग्री लेकर नेपाल पहुंच चुका है, जिसमें दवाएं और खाद्य पदार्थ शामिल हैं।

भारतीय वायुसेना ने इस राहत कार्य को और गति देने के लिए C-17 ग्लोबमास्टर और अन्य विमानों को भी तैयार रखा है, ताकि आने वाले समय में भारी मात्रा में सहायता सामग्री पहुंचाई जा सके। राहत सामग्री के अलावा, भारत ने विशेषज्ञों की एक विशेष टीम भी नेपाल भेजी है। नेपाल सरकार के विशेष अनुरोध पर पहुंची इस 11 सदस्यीय टीम में चिकित्सा कर्मियों के साथ-साथ टनल (सुरंग) रेस्क्यू के विशेषज्ञ शामिल हैं। इस टीम को उन दुर्गम क्षेत्रों में तैनात किया जा रहा है जहां बाढ़ के कारण सुरंगों और ढांचों में लोगों के फंसे होने की आशंका है।

नेपाल सरकार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में यातायात व्यवस्था को सुचारू करने के लिए भारत और चीन से 42 बेली ब्रिज (पोर्टेबल पुल) उपलब्ध कराने की भी अपील की है। ये पुल ऐसे स्थानों पर तुरंत स्थापित किए जा सकते हैं जहां स्थायी पुल बह गए हैं, क्योंकि इन्हें जोड़ने के लिए बहुत भारी मशीनरी की आवश्यकता नहीं होती है। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा कि सरकार जटिल परिस्थितियों में अंतरराष्ट्रीय तकनीकी मदद लेने के लिए तैयार है, हालांकि बचाव कार्यों में स्थानीय सुरक्षा बलों को प्राथमिकता दी जा रही है।

बाढ़ के कारण नेपाल में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 84 भारतीयों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। इनमें त्रिशूली-1 परियोजना के 63 कर्मचारी और तमिलनाडु के 21 तीर्थयात्री शामिल हैं। सुरक्षित निकाले गए तीर्थयात्रियों का दल शुक्रवार को दिल्ली पहुंच गया है। इसके अलावा, करीब 149 भारतीय नागरिक तिब्बत से नेपाल की सीमा में प्रवेश कर चुके हैं और चीन की सीमा के पास लगभग 400 अन्य भारतीय सुरक्षित स्थान पर मौजूद हैं।

हालांकि, लापता और संपर्क से बाहर चल रहे भारतीयों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि शुक्रवार शाम तक संपर्क विहीन भारतीयों की संख्या बढ़कर 320 हो गई है, जो पहले 290 थी। इनके अलावा भारतीय मूल के करीब 100 अन्य विदेशी नागरिक भी लापता हैं। मंत्रालय लगातार नेपाल के अधिकारियों के संपर्क में है ताकि लापता नागरिकों की स्थिति स्पष्ट हो सके। अभी तक किसी भी भारतीय नागरिक की मृत्यु की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सुरंगों और मलबे में तलाशी अभियान अभी भी जारी है, जिससे लापता लोगों की संख्या में और उतार-चढ़ाव आने की संभावना बनी हुई है। प्रशासन फिलहाल लापता लोगों की पहचान और सुरक्षित नागरिकों को वापस लाने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है।

 

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