शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने गंभीर और लंबी बीमारियों से जूझ रहे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को राहत देने के लिए संचालित ‘मुख्यमंत्री सहारा योजना’ को आधुनिक और पूरी तरह डिजिटल बना दिया है। सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि आवेदन से लेकर भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया को अब एक नए ऑनलाइन डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से संचालित किया जाएगा। इस सिंगल विंडो सिस्टम की शुरुआत से लाभार्थियों को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, जिससे उनके समय और धन दोनों की बचत होगी।
प्रदेश सरकार द्वारा विकसित इस नए डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अब तक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को 1,562 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। सरकार का लक्ष्य इस प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना और सहायता राशि को सीधे हकदार व्यक्तियों तक समय पर पहुँचाना है।
आवेदन की प्रक्रिया और आवश्यक निर्देश
इच्छुक आवेदक, जिनमें वे लोग भी शामिल हैं जिनके आवेदन पहले से लंबित हैं, अब आधिकारिक पोर्टल https://himparivar.hp.gov.in/ekalyan के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा, आवेदक अपने नजदीकी ‘लोक मित्र केंद्र’ पर जाकर भी इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। लाभार्थियों की पहचान, उनके दस्तावेजों के सत्यापन और औपचारिकताएं पूरी करने में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता आवश्यक सहयोग प्रदान करेंगी।
प्रवक्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन आवेदकों के मामले पहले हिमाचल प्रदेश नेशनल हेल्थ इंश्योरेंस सोसाइटी के पास लंबित थे, उन्हें अब वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए नए पोर्टल पर दोबारा आवेदन करना होगा।
| इन गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मरीजों को मिलेगा लाभ |
| • पार्किंसंस और घातक कैंसर (Malignant Cancer) के मरीज। |
| • स्थायी विकलांगता के साथ पक्षाघात (Paralysis)। |
| • मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, हीमोफीलिया और थैलेसीमिया। |
| • किडनी फेलियर (एक्यूट या क्रोनिक) के मरीज। |
| • मादक द्रव्यों के सेवन की लत (Substance Addiction) से ग्रसित लोग। |
| • ऐसी कोई भी गंभीर या लंबी बीमारी जिसके कारण व्यक्ति बिस्तर पर हो या स्थायी रूप से काम करने में असमर्थ हो गया हो। |
सहायता राशि का वितरण और ई-केवाईसी की अनिवार्यता
राज्य सरकार ने योजना के तहत अप्रैल से जून 2026 की अवधि के लिए सहायता राशि जारी कर दी है। अब तक 3,813 पात्र और आधार-सत्यापित सक्रिय लाभार्थियों को आर्थिक मदद दी जा चुकी है। हालांकि, 91 लाभार्थियों को सहायता राशि फिलहाल जारी नहीं की गई है क्योंकि उनकी ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया अधूरी है। प्रवक्ता ने बताया कि जैसे ही ये लाभार्थी अपना ई-केवाईसी सत्यापन पूरा कर लेंगे, संबंधित जिला कल्याण अधिकारी उनके खातों में रुकी हुई राशि जारी कर देंगे।
| आवेदन के लिए महत्वपूर्ण जानकारी |
| पोर्टल: himparivar.hp.gov.in/ekalyan |
| सहायता केंद्र: नजदीकी लोक मित्र केंद्र या आंगनवाड़ी कार्यकर्ता। |
| अनिवार्यता: आवेदन के साथ आधार कार्ड और ई-केवाईसी सत्यापन जरूरी है। |
| संपर्क: विस्तृत जानकारी के लिए जिला कल्याण अधिकारी या तहसील कल्याण अधिकारी से मिलें। |
मुख्यमंत्री सहारा योजना का मुख्य उद्देश्य उन गरीब परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करना है, जिनके घर का कोई सदस्य गंभीर बीमारी के कारण बिस्तर पर है या लंबे समय से महंगे इलाज पर निर्भर है। सरकार की इस डिजिटल पहल से न केवल भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी, बल्कि सुदूर क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों को भी त्वरित सहायता मिलना सुनिश्चित होगा। आवेदक या उनके परिजन किसी भी दुविधा की स्थिति में विभाग के तहसील या जिला कार्यालयों से संपर्क कर सकते हैं।