Punjab: पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र में पेपर लीक पर संग्राम हरपाल चीमा ने कांग्रेस पर कसा तीखा तंज

चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन की शुरुआत ही हंगामे और राजनीतिक खींचतान के साथ हुई। सदन में फार्मेसी पेपर लीक और नीट परीक्षा में हुई अनियमितताओं के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विपक्ष ने जहां सरकार को भ्रष्टाचार और प्रशासनिक विफलता के मुद्दे पर घेरने का प्रयास किया, वहीं सत्ता पक्ष ने पलटवार करते हुए विपक्षी दल के अस्तित्व पर ही सवाल खड़े कर दिए। भारी शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही में कई बार व्यवधान पड़ा।


नीट पीड़ितों को भावभीनी श्रद्धांजलि और परीक्षा तंत्र पर चिंता
सदन की कार्यवाही का आगाज एक भावुक पल के साथ हुआ। विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां ने नीट परीक्षा पेपर लीक के कारण उपजे मानसिक तनाव की वजह से अपनी जान गंवाने वाले विद्यार्थियों को विशेष तौर पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान पूरा सदन मौन रहा। स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि यह देश के लिए बड़ी क्षति है कि होनहार छात्र परीक्षा तंत्र की खामियों के कारण आत्मघाती कदम उठा रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि वह राष्ट्रीय स्तर के परीक्षा सिस्टम को इतना मजबूत और पारदर्शी बनाए कि भविष्य में किसी भी मासूम को अपनी जान न गंवानी पड़े।


शिक्षा मंत्री और विपक्ष के बीच तीखा टकराव
जैसे ही विधायी कार्य शुरू हुए, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने फार्मेसी पेपर लीक का मुद्दा उठाते हुए सरकार की घेराबंदी शुरू कर दी। उन्होंने सीधे तौर पर शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस को निशाने पर लिया और विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। इस पर हरजोत सिंह बैंस ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए विपक्ष को चुनौती दी कि वे तथ्यों के साथ बात करें। बैंस ने कहा कि वे सदन में पूरी तैयारी के साथ आए हैं और विपक्ष के हर तीखे सवाल का जवाब देने के लिए सक्षम हैं। इस दौरान दोनों पक्षों के विधायकों ने एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी की, जिससे माहौल गरमा गया।


हरपाल सिंह चीमा का पलटवार और सदन का स्थगन
विपक्ष के हमलों का जवाब देने के लिए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मोर्चा संभाला। चीमा ने कांग्रेस पर बड़ा राजनीतिक हमला करते हुए कहा कि आज पंजाब में पेपर लीक नहीं हुआ है, बल्कि खुद कांग्रेस पार्टी ही पूरी तरह से ‘लीक’ हो चुकी है। उन्होंने तंज कसा कि कांग्रेस का अब प्रदेश में कोई वजूद नहीं बचा है और पार्टी के भीतर से ही लीकेज की खबरें आती रहती हैं। चीमा के इस बयान पर कांग्रेसी विधायक आगबबूला हो गए और सदन के बीचों-बीच (वेल) आकर नारेबाजी करने लगे। स्थिति अनियंत्रित होते देख स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने सदन की कार्यवाही को कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया।


अकाल तख्त के आदेश और परिवहन क्षेत्र में नई सौगात
कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर प्रताप सिंह बाजवा ने श्री अकाल तख्त साहिब के हालिया निर्देशों का मुद्दा उठाकर सरकार को फिर से कटघरे में खड़ा किया। वहीं, सुखपाल सिंह खैहरा ने भी फार्मेसी घोटाले पर चर्चा की मांग दोहराई। इन तमाम हंगामों के बीच सरकार ने जनता के लिए एक राहत भरी खबर भी दी। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने घोषणा की कि पीआरटीसी (PRTC) के बेड़े में जल्द ही 900 नई बसें शामिल की जाएंगी। उन्होंने कहा कि इससे राज्य की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था सुधरेगी और यात्रियों को होने वाली असुविधा कम होगी। इस घोषणा के बावजूद विपक्ष का हंगामा शांत नहीं हुआ।

 

Pls read:Punjab: मशहूर शायर की पंक्तियों से मनीष तिवारी का बड़ा इशारा पंजाब कांग्रेस में छिड़ी नई बहस

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *