Himachal: हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल की सुगबुगाहट तेज सुंदर ठाकुर और संजय रतन के नामों पर चर्चा

शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के आगामी मानसून सत्र से पहले राज्य की राजनीति में बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार और मंत्रियों के विभागों में फेरबदल की संभावनाएं प्रबल हो गई हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार ने नई दिल्ली का दौरा किया, जहाँ उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ सरकार और संगठन की कार्यप्रणाली पर विस्तृत चर्चा की। इस मुलाकात के बाद से ही शिमला से लेकर दिल्ली तक सियासी कयासों का बाजार गर्म है।


दिल्ली में वरिष्ठ नेताओं के साथ उच्चस्तरीय मंथन
नई दिल्ली में मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू और विनय कुमार ने प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं से भेंट की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सरकार के अब तक के कामकाज का फीडबैक देना और आगामी चुनौतियों के लिए रणनीति तैयार करना था। सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री, रजनी पाटिल और विनय कुमार के बीच एक अलग से बंद कमरे में बैठक हुई, जिसमें कैबिनेट विस्तार की रूपरेखा पर अंतिम मुहर लगाने की कोशिश की गई। पार्टी हाईकमान ने क्षेत्रीय और जातीय संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर कदम उठाने की सलाह दी है।


मंत्रिमंडल की दौड़ में सुंदर ठाकुर और संजय रतन सबसे आगे
कैबिनेट में रिक्त पदों को भरने के लिए कुल्लू से विधायक सुंदर ठाकुर और ज्वालामुखी के विधायक संजय रतन का नाम सबसे प्रमुखता से लिया जा रहा है। सुंदर ठाकुर का दिल्ली पहुंचना इस चर्चा को और बल दे रहा है कि उन्हें जल्द ही कोई बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। वर्तमान में मंडी, कुल्लू, लाहुल-स्पीति और चंबा जैसे महत्वपूर्ण जिलों का मंत्रिमंडल में कोई सीधा प्रतिनिधित्व नहीं है, हालांकि चंबा से विधानसभा अध्यक्ष पद पर नियुक्ति है। ऐसे में इन क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व देकर सरकार क्षेत्रीय असंतोष को दूर करने का प्रयास करेगी। इसके अलावा, विधानसभा उपाध्यक्ष का रिक्त पद भी जल्द भरे जाने की उम्मीद है।


शिमला संसदीय क्षेत्र और विभागों में फेरबदल की संभावना
राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि क्षेत्रीय संतुलन साधने के लिए शिमला संसदीय क्षेत्र से किसी एक मंत्री को पद से हटाया जा सकता है। यदि ऐसा होता है, तो सुक्खू कैबिनेट में एक साथ दो नए चेहरों की एंट्री हो सकती है। इसके साथ ही, वर्तमान मंत्रियों राजेश धर्माणी और यादवेंद्र गोमा के विभागों में बदलाव कर उन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं। मुख्यमंत्री का प्रयास है कि मानसून सत्र से पहले टीम को नए सिरे से संगठित किया जाए ताकि सदन के भीतर और बाहर सरकार की छवि को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।


संगठन में नई नियुक्तियां और समन्वय की रणनीति
केवल सरकार ही नहीं, बल्कि हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी में भी बड़े बदलाव की तैयारी है। प्रदेश सचिव और प्रवक्ता जैसे पदों पर नई नियुक्तियां की जाएंगी, जिसके लिए पार्टी नेतृत्व ने अपनी सहमति दे दी है। संगठन को धार देने के लिए मंत्रियों को जिलों की कमान सौंपने का निर्णय भी लिया गया है। मंत्रियों को विशेष रूप से उन जिलों का प्रभार दिया जाएगा जहां संगठन और सरकार के बीच तालमेल की कमी देखी गई है। किस मंत्री को कौन सा जिला मिलेगा, इसकी सूची भी लगभग तैयार हो चुकी है और जल्द ही इसकी आधिकारिक घोषणा की जाएगी।


कसौली में होगी राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक
संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने के लिए कांग्रेस की राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक अब सोलन जिले के कसौली में आयोजित की जाएगी। पहले यह बैठक धर्मशाला में प्रस्तावित थी, लेकिन रणनीतिक कारणों से इसके स्थान में बदलाव किया गया है। प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार ने इसके लिए हाईकमान से समय मांगा है। इस बैठक में सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जनता तक पहुँचाने और विपक्षी हमलों का जवाब देने के लिए रोडमैप तैयार किया जाएगा। फिलहाल, पूरी प्रदेश कांग्रेस की नजरें दिल्ली से आने वाले अंतिम निर्देशों पर टिकी हैं, जो राज्य की नई प्रशासनिक और राजनीतिक दिशा तय करेंगे।

 

Pls read:Himachal: हिमाचल सरकार वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए बाजार से लेगी 700 करोड़ का नया कर्ज

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *