नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के सबसे शालीन और भरोसेमंद बल्लेबाजों में शुमार अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के साथ-साथ खेल के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। रहाणे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक भावुक वीडियो साझा करते हुए अपने इस निर्णय से दुनिया को अवगत कराया। इस दौरान वे अपने आंसुओं को रोक नहीं पाए और बेहद रुआंसे नजर आए। भारी आवाज में उन्होंने बीसीसीआई, अपने साथी खिलाड़ियों, परिवार और करोड़ों प्रशंसकों का शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने उनके डेढ़ दशक लंबे करियर में उनका साथ दिया।
सोशल मीडिया पर भावुक विदाई और ‘कैप 278’ का सफर
अजिंक्य रहाणे ने अपने संन्यास के संदेश के साथ एक मार्मिक कैप्शन भी लिखा। उन्होंने अपनी टेस्ट कैप का जिक्र करते हुए कहा, “कैप 278 अब विदा ले रहा है। इतने वर्षों तक मिले अगाध प्यार और सहयोग के लिए आप सभी का धन्यवाद। मैं हमेशा देश के लिए खेलने के इस अवसर का आभारी रहूंगा।” वीडियो में रहाणे ने अपने संघर्ष के दिनों को याद किया और बताया कि कैसे भारतीय जर्सी पहनना उनके जीवन का सबसे बड़ा सपना था। संन्यास की इस खबर के बाद क्रिकेट जगत के तमाम दिग्गजों और प्रशंसकों ने उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं।
लंबे समय से टीम इंडिया से चल रहे थे बाहर
रहाणे का अंतरराष्ट्रीय करियर पिछले कुछ वर्षों से उतार-चढ़ाव भरा रहा था। वे लंबे समय से राष्ट्रीय टीम में अपनी जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे। उन्होंने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला जुलाई 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट मैच के रूप में खेला था। सीमित ओवरों के क्रिकेट की बात करें तो उन्होंने अपना अंतिम वनडे 2018 में और आखिरी टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच 2016 में खेला था। हालांकि, उन्होंने घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में अपनी सक्रियता बनाए रखी थी, लेकिन अब उन्होंने खेल के हर स्तर से हटने का फैसला कर लिया है।
टेस्ट क्रिकेट के दिग्गज और शानदार कप्तानी रिकॉर्ड
अजिंक्य रहाणे ने टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम की रीढ़ की हड्डी के रूप में अपनी पहचान बनाई थी। उन्होंने 85 टेस्ट मैचों की 144 पारियों में 38.46 की औसत से कुल 5077 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 12 शानदार शतक और 26 अर्धशतक निकले, जिसमें 188 रन उनका सर्वोच्च स्कोर रहा। एक बल्लेबाज के अलावा वे एक असाधारण कप्तान भी साबित हुए। रहाणे ने 6 टेस्ट मैचों में भारतीय टीम का नेतृत्व किया, जिनमें से भारत ने 4 मैचों में जीत दर्ज की और 2 मैच ड्रॉ रहे। उनकी कप्तानी में भारत ने कभी कोई टेस्ट मैच नहीं हारा, जो उनकी नेतृत्व क्षमता का प्रमाण है।
सीमित ओवरों में योगदान और करियर की शुरुआत
वनडे क्रिकेट में भी रहाणे का प्रदर्शन सराहनीय रहा। उन्होंने 90 मैचों की 87 पारियों में 2962 रन बनाए, जिसमें 3 शतक और 24 अर्धशतक शामिल थे। उन्होंने तीन वनडे मैचों में भारतीय टीम की कप्तानी की और उन तीनों ही मुकाबलों में भारत को जीत दिलाई। टी20 अंतरराष्ट्रीय में उन्होंने 20 मैचों में 375 रन बनाए और 2 मैचों में कप्तानी भी की। रहाणे ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत 31 अगस्त 2011 को इंग्लैंड के खिलाफ टी20 मैच से की थी। मैदान पर अपनी शांति और स्लिप में बेहतरीन फील्डिंग के लिए मशहूर रहाणे ने भारतीय क्रिकेट के इतिहास में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करा लिया है।