शिमला, 22 जुलाई। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) के 57वें स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय के कायाकल्प की योजना साझा की। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि आने वाले समय में विश्वविद्यालय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा स्टोरेज और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे आधुनिक पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय को ‘ग्रीन हाइड्रोजन’ के क्षेत्र में राज्य की नोडल एजेंसी बनाने का भी ऐलान किया।
आधुनिक पाठ्यक्रमों के लिए 5 करोड़ का अनुदान
तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय में एआई (AI) में बी.टेक पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए 5 करोड़ रुपये के विशेष अनुदान की घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि शिक्षकों और छात्रों के शैक्षणिक अनुभव को वैश्विक स्तर पर ले जाने के लिए उन्हें विदेश दौरों पर भेजा जाएगा, जिसका पूरा खर्च सरकार वहन करेगी।
शिक्षा सुधारों से रैंकिंग में आया बड़ा उछाल
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में हुए क्रांतिकारी बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि साल 2021 के सर्वे में हिमाचल प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में 21वें स्थान पर था, जो अब सुधरकर 5वें स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि पिछली सरकार द्वारा राजनीतिक लाभ के लिए खोले गए करीब 500 संस्थानों को बंद कर सरकार ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर ध्यान केंद्रित किया। पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम शुरू करने और राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल जैसे प्रयासों के कारण सरकारी स्कूलों में नामांकन में 24,000 से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।
डिजिटल लाइब्रेरी और नए भवनों का शिलान्यास
स्थापना दिवस समारोह के दौरान सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विश्वविद्यालय परिसर में 10.25 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली आधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी की आधारशिला रखी। इसके साथ ही उन्होंने 6.09 करोड़ रुपये के बजट से निर्मित होने वाले ‘यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज’ के प्रशासनिक ब्लॉक का भी शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल लाइब्रेरी के माध्यम से शोधार्थियों और छात्रों को आधुनिक ई-संसाधन उपलब्ध होंगे, जिससे शैक्षणिक मानकों में और सुधार होगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र में आधुनिकीकरण और हिमाचल भवन
शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य क्षेत्र पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के चार मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की जा चुकी है। सरकार दिसंबर तक 125 करोड़ रुपये की लागत से पांच स्वचालित प्रयोगशालाएं तैयार करने जा रही है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि दिल्ली में बन रहे नए ‘हिमाचल भवन’ का कार्य एक महीने के भीतर पूरा हो जाएगा, जिससे दिल्ली जाने वाले प्रदेश के छात्रों और अन्य नागरिकों को सस्ती और सुलभ आवासीय सुविधा मिल सकेगी।
विश्वविद्यालय से भावुक रिश्ता और भविष्य का विजन
सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विश्वविद्यालय के साथ अपने आठ साल पुराने छात्र जीवन और राजनीतिक सफर की शुरुआत को याद किया। उन्होंने कहा कि इसी संस्थान ने उन्हें मुख्यमंत्री पद तक पहुंचने की सीख दी। उन्होंने गर्व जताया कि जेपी नड्डा जैसे बड़े नेता भी इसी विश्वविद्यालय की देन हैं। कुलपति महावीर सिंह ने मुख्यमंत्री के दृष्टिकोण की सराहना करते हुए बताया कि एचपीयू ने आईआईटी रुड़की जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ समझौते किए हैं और मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप पांच नए केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में विधायक हरीश जनारथा, महापौर सुरेंद्र चौहान और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।