शिमला, 21 जुलाई। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित प्रदेश कैबिनेट की बैठक में राज्य के विकास और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इस बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। सरकार ने न केवल चिकित्सा जगत से जुड़े विशेषज्ञों और छात्रों को बड़ी राहत दी है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों के मानदेय में भी वृद्धि की है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी सौगात और मानदेय में वृद्धि
कैबिनेट ने चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान विभाग के तहत कार्यरत सुपर-स्पेशलिस्ट फैकल्टी सदस्यों के लिए नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस (एनपीए) को मंजूरी प्रदान की है। इसके साथ ही, चिकित्सा शिक्षा विभाग में सेवाएं दे रहे पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) छात्रों के स्टाइपेंड में भी भारी बढ़ोतरी की गई है। नए नियमों के अनुसार, प्रथम वर्ष के छात्रों को 40 हजार के बजाय 50 हजार, द्वितीय वर्ष के छात्रों को 45 हजार के बजाय 60 हजार और तृतीय वर्ष के छात्रों को 50 हजार के बजाय 65 हजार रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में भी 1 अप्रैल 2026 से 1,000 रुपये की वृद्धि करने का निर्णय लिया गया है।
शिक्षा और पोषण पर विशेष ध्यान
प्रदेश सरकार ने ‘मुख्यमंत्री बाल पौष्टिक आहार योजना’ में संशोधन को मंजूरी दी है, जिसके तहत सरकारी स्कूलों में नर्सरी से आठवीं कक्षा तक के छात्रों को सप्ताह में दो बार उबले अंडे या मौसमी फल दिए जाएंगे। शिक्षक पुरस्कार नीति के तहत नकद पुरस्कार राशि में भी वृद्धि की गई है। अब राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता शिक्षकों को 60 हजार के बजाय 1.5 लाख रुपये और राज्य पुरस्कार विजेताओं को 40 हजार के बजाय 1 लाख रुपये मिलेंगे। हालांकि, पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को सेवा विस्तार नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा, स्कूलों में 3,950 रिक्तियों को भरने और शिक्षा विभाग में 200 जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (लाइब्रेरी) के पदों को भरने की भी स्वीकृति दी गई है।
रोजगार और पुलिस भर्ती में आयु सीमा में छूट
युवाओं के लिए बड़े अवसर प्रदान करते हुए कैबिनेट ने पुलिस विभाग में कांस्टेबल के 800 पदों की भर्ती के लिए ऊपरी आयु सीमा में एक वर्ष की विशेष छूट देने का निर्णय लिया है। इसके अतिरिक्त, नवगठित पुलिस जिला नूरपुर और हमीरपुर के विभिन्न पुलिस थानों में 100 से अधिक नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। पंचायतों में 400 मल्टी-टास्क वर्कर्स की भर्ती के साथ-साथ विभिन्न विभागों में सैकड़ों तकनीकी और लिपिकीय पदों को भरने का मार्ग प्रशस्त किया गया है।
किसानों और मछुआरों के लिए नई योजनाएं
मछुआरों के कल्याण के लिए सरकार ने ‘मुख्यमंत्री मछुआरा सम्मान निधि योजना’ शुरू करने का फैसला किया है, जिसके तहत मछली पकड़ने पर वार्षिक प्रतिबंध की अवधि के दौरान पात्र परिवारों को 3,500 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही, मछुआरों को नाव खरीदने के लिए 70 प्रतिशत और जाल आदि के लिए 90 प्रतिशत सब्सिडी सीधे उनके बैंक खातों (डीबीटी) में प्रदान की जाएगी। कैबिनेट ने हमीरपुर के नादौन में एक एकीकृत एक्वा पार्क स्थापित करने और मछली भंडारण के लिए कोल्ड चेन सुविधाओं पर 70 प्रतिशत सब्सिडी देने का भी निर्णय लिया है।
ग्रामीण बुनियादी ढांचा और अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
कैबिनेट ने पंचायत चौकीदारों के लिए बड़ा निर्णय लेते हुए 12 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके अंशकालिक चौकीदारों को दैनिक वेतन भोगी का दर्जा देने की मंजूरी दी है। नंबरदारों के मासिक मानदेय में 500 रुपये की वृद्धि की गई है, जिससे अब उन्हें 5,000 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। हमीरपुर जिले के नादौन में ‘अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान’ की स्थापना के लिए 75 एकड़ भूमि चिह्नित की गई है। इसके अलावा, शिमला के पास जठिया देवी माउंटेन सिटी के विकास और लोक निर्माण विभाग में सड़क सुरक्षा ऑडिट नीति को भी हरी झंडी दी गई है। युद्ध जागीर अनुदान को भी 7,000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये कर दिया गया है।
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