नई दिल्ली, 21 जुलाई। संसद के मानसून सत्र की कार्यवाही शुरू होने के साथ ही दिल्ली में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। मंगलवार सुबह इंडिया ब्लॉक के प्रमुख नेताओं ने संसद भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का उद्देश्य मानसून सत्र के दौरान सरकार को घेरने के लिए एक संयुक्त रणनीति तैयार करना और विपक्षी दलों के बीच समन्वय स्थापित करना था। रणनीति बनाने के बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और अन्य सहयोगी दलों के नेताओं ने लोकसभा अध्यक्ष के साथ भी मुलाकात की।
मल्लिकार्जुन खरगे का बड़ा फैसला और पुलिसिया कार्रवाई की निंदा
कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने छात्र प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस की कार्रवाई पर गहरी पीड़ा और आक्रोश व्यक्त किया है। खरगे ने घोषणा की है कि वह इस साल अपना जन्मदिन नहीं मनाएंगे। उन्होंने कहा कि जिस तरह से न्याय की मांग कर रहे युवाओं पर लाठियां चलाई गईं और आंसू गैस के गोले छोड़े गए, वह लोकतंत्र के लिए दुखद है। उन्होंने तर्क दिया कि शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक प्रदर्शन को कुचलना स्वीकार्य नहीं है और आज जश्न मनाने के बजाय सरकार की जवाबदेही तय करने का दिन है।
सरकार से पूछे तीखे सवाल और शिक्षा मंत्री का मांगा इस्तीफा
मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर क्यों छात्रों की आवाज को बलपूर्वक दबाया जा रहा है? उन्होंने संसद के आसपास की सुरक्षा और इंटरनेट बंदी पर भी आपत्ति जताई। विपक्ष ने सरकार से मांग की है कि पेपर लीक के मुद्दे पर संसद में तुरंत विस्तार से चर्चा कराई जाए। इसके साथ ही, खरगे ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस पूरे मामले की नैतिक और राजनीतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने एक ऐसी परीक्षा प्रणाली बनाने पर जोर दिया जो पूरी तरह स्वतंत्र और राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त हो।
परीक्षा प्रणाली में सुधार और छात्रों की सुरक्षा पर जोर
विपक्ष का कहना है कि देश में 21वीं सदी के अनुरूप छात्र-केंद्रित परीक्षा प्रणाली होनी चाहिए। इसमें सुरक्षित डिजिटल प्रश्न बैंक और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोका जा सके। खरगे ने शिक्षा के बजट को बढ़ाने और योग्यता आधारित पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की भी वकालत की। उन्होंने साफ किया कि लाखों युवाओं की पीड़ा और बार-बार होने वाले पेपर लीक के लिए सरकार को जिम्मेदारी लेनी ही होगी।
प्रधानमंत्री मोदी का रुख और सरकार का पक्ष
इस बीच, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने एनडीए संसदीय दल की बैठक के बाद सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकार नीट परीक्षा की अनियमितताओं को लेकर पूरी तरह सजग है और छात्रों के साथ खड़ी है। प्रधानमंत्री ने कहा है कि पेपर लीक एक राष्ट्रीय चिंता का विषय है और इस पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए। सरकार ने आश्वासन दिया है कि धांधली में शामिल किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। संसद का यह मानसून सत्र 13 अगस्त तक जारी रहेगा।
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