शिमला/नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश की राजनीति में इन दिनों मंत्रिमंडल विस्तार और विभागों में संभावित फेरबदल को लेकर हलचल तेज हो गई है। इसी सिलसिले में राज्य के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने मंगलवार को नई दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात की। इससे पूर्व सोमवार देर शाम उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल के साथ भी लंबी बैठक की थी। इन मुलाकातों के समय और परिस्थितियों को देखते हुए प्रदेश के सियासी गलियारों में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
मुकेश अग्निहोत्री और मल्लिकार्जुन खरगे के बीच हुई इस मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है। सूत्रों की मानें तो बैठक के दौरान हिमाचल प्रदेश के वर्तमान राजनीतिक घटनाक्रम और सरकार के अब तक के कामकाज की समीक्षा की गई। उपमुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय नेतृत्व को प्रदेश सरकार द्वारा पिछले कुछ समय में हासिल की गई उपलब्धियों का ब्यौरा दिया। साथ ही, शिमला में आयोजित हुई कांग्रेस की आमसभा में लिए गए प्रमुख निर्णयों और आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों की रूपरेखा भी साझा की।
मंत्री पद की रेस और पैरवी
मुलाकात के दौरान सबसे अधिक चर्चा मंत्रिमंडल में रिक्त पदों को भरने और वर्तमान मंत्रियों के विभागों में बदलाव को लेकर हुई। राजनीतिक हलकों में यह खबर जोरों पर है कि उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के करीबी एक विधायक का नाम मंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे चल रहा है। चर्चा है कि अग्निहोत्री ने इस मुलाकात के माध्यम से अपने समर्थक विधायक के लिए राष्ट्रीय नेतृत्व के सामने पैरवी की है। हालांकि, पार्टी की ओर से इस दावे पर अब तक कोई आधिकारिक बयान या पुष्टि नहीं की गई है।
धर्मशाला बैठक पर टिकी निगाहें
दिल्ली की इन महत्वपूर्ण मुलाकातों के बाद अब सबकी नजरें आगामी राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक पर टिकी हैं। यह बैठक दस दिनों के भीतर धर्मशाला में प्रस्तावित है। माना जा रहा है कि दिल्ली में हुए विचार-विमर्श के आधार पर धर्मशाला की बैठक में मंत्रिमंडल विस्तार की अंतिम रूपरेखा तैयार की जा सकती है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि आलाकमान से हरी झंडी मिलने के बाद ही मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री इस दिशा में अगला कदम उठाएंगे।
संगठनात्मक तालमेल पर जोर
उपमुख्यमंत्री ने केसी वेणुगोपाल के साथ अपनी बैठक में सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बिठाने पर भी चर्चा की। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार और राज्य के अन्य प्रमुख नेताओं के फीडबैक पर भी गौर किया गया। मुकेश अग्निहोत्री ने पार्टी को आगामी चुनौतियों के लिए तैयार करने और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा फूंकने के लिए हाईकमान को कुछ सुझाव भी दिए हैं।
हिमाचल की सियासत के मुख्य बिंदु
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दिल्ली में हलचल: उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने मल्लिकार्जुन खरगे और केसी वेणुगोपाल से की सघन मुलाकात।
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फेरबदल की संभावना: मंत्रिमंडल में नए चेहरों को शामिल करने और पुराने मंत्रियों के विभागों को बदलने पर मंथन।
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अगला पड़ाव: धर्मशाला में दस दिनों के भीतर राजनीतिक मामलों की समिति की होगी बड़ी बैठक।
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उद्देश्य: सरकार के कामकाज में गति लाना और संगठनात्मक शक्ति को बढ़ाना।
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उपलब्धियों का ब्यौरा: शिमला आमसभा के निर्णयों और भविष्य की रणनीति से राष्ट्रीय नेतृत्व को कराया अवगत।
हिमाचल प्रदेश में पिछले कुछ समय से मंत्रिमंडल विस्तार की मांग उठती रही है। वर्तमान में कैबिनेट में कुछ पद रिक्त हैं, जिन्हें भरने के लिए विधायकों के बीच खींचतान जारी है। उपमुख्यमंत्री की दिल्ली यात्रा ने इस प्रक्रिया को और गति दे दी है। फिलहाल, राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ हुए इस मंथन के बाद अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू अपनी टीम में किन नए चेहरों को जगह देते हैं और किन मंत्रियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया जाता है। राज्य के राजनीतिक वातावरण में इन मुलाकातों ने नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।