Punjab: सुखजिंदर सिंह रंधावा के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र वायरल होने से गरमाई पंजाब की सियासत

चंडीगढ़। पंजाब में कांग्रेस संगठन के भीतर चल रही संभावित बदलाव की सुगबुगाहट के बीच एक फर्जी पत्र ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। गुरदासपुर से सांसद और राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को औपचारिक शिकायत सौंपी है। रंधावा ने मांग की है कि उनके नाम पर सोशल मीडिया पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसे प्रसारित करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

दरअसल, सोशल मीडिया पर ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के नाम से एक जाली पत्र तेजी से वायरल हो रहा है। इस पत्र में दावा किया गया है कि सुखजिंदर सिंह रंधावा को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) का नया अध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया है। रंधावा ने इस पत्र को पूरी तरह से निराधार बताते हुए इसे एक गहरी साजिश का हिस्सा बताया है। उनका स्पष्ट रूप से कहना है कि यह हरकत पार्टी कार्यकर्ताओं को गुमराह करने और उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाने के इरादे से की गई है।

यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब पंजाब कांग्रेस के नेतृत्व में फेरबदल को लेकर दिल्ली में बैठकों का दौर जारी है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा नियुक्त तीन सदस्यीय पर्यवेक्षकों की टीम शनिवार को ही अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंप चुकी है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पार्टी आलाकमान अगले एक-दो दिनों में पंजाब इकाई के भविष्य पर कोई बड़ा फैसला ले सकता है।

राहुल गांधी के साथ बैठक के दौरान वायरल हुआ फर्जी पत्र
रविवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने पंजाब के प्रमुख नेताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, प्रताप सिंह बाजवा, चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा और विजय इंदर सिंगला शामिल थे। दिलचस्प बात यह है कि जब रंधावा राहुल गांधी के साथ बैठक कर रहे थे, ठीक उसी समय उनकी नियुक्ति का यह फर्जी पत्र सोशल मीडिया पर फैलाया गया। बैठक से बाहर आने के बाद रंधावा ने अपने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट के जरिए इस पत्र के फर्जी होने की पुष्टि की और कार्यकर्ताओं को सचेत किया।

मुलाकात के बाद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और प्रताप सिंह बाजवा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पार्टी नेतृत्व जो भी फैसला लेगा, वह सभी को मान्य होगा। दोनों नेताओं ने एकजुटता का संदेश देते हुए कहा कि पंजाब की जनता आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मौका देना चाहती है और पूरी पार्टी मिलकर चुनाव लड़ेगी।

पुरानी शिकायतों पर कार्रवाई न होने से रंधावा ने जताई नाराजगी
सुखजिंदर सिंह रंधावा ने डीजीपी को दी गई अपनी शिकायत में उल्लेख किया है कि उनके खिलाफ इस तरह की यह पहली साजिश नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि इससे पहले उनके निधन की झूठी खबर भी सोशल मीडिया पर फैलाई गई थी। उस समय भी उन्होंने पंजाब पुलिस को शिकायत दी थी, लेकिन अब तक उन दोषियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।

रंधावा ने डीजीपी से मांग की है कि इस मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए और साइबर सेल व तकनीकी जांच के माध्यम से उन लोगों की पहचान की जाए जिन्होंने यह फर्जी दस्तावेज तैयार किया है। साथ ही उन्होंने अपनी पुरानी शिकायत की जांच रिपोर्ट भी मांगी है ताकि यह पता चल सके कि पिछली बार उनके खिलाफ दुष्प्रचार करने वालों पर क्या कार्रवाई हुई।

 

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