Uttarakhand: उत्तराखंड में मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान की रफ्तार तेज तीन दिनों में बांटे गए 19 लाख फॉर्म

देहरादून। उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को लेकर निर्वाचन विभाग पूरी तरह सक्रिय है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने बुधवार को सचिवालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर अभियान की प्रगति की समीक्षा की। बैठक के दौरान यह तथ्य सामने आया कि अभियान के शुरुआती तीन दिनों में ही प्रदेश के 19 लाख से अधिक मतदाताओं तक गणना फॉर्म पहुंचा दिए गए हैं, जो कुल मतदाताओं का लगभग 24 प्रतिशत है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कुछ जिलों के शानदार प्रदर्शन की सराहना की, तो वहीं कुछ बड़े जिलों की धीमी रफ्तार पर नाराजगी भी व्यक्त की।

समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने चम्पावत, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ जिलों की विशेष रूप से प्रशंसा की। ये तीनों जनपद गणना फॉर्म वितरण के मामले में प्रदेश में शीर्ष स्थान पर रहे हैं। दूसरी ओर, उन्होंने देहरादून, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर जैसे मैदानी और घनी आबादी वाले जिलों में फॉर्म वितरण की धीमी गति पर गहरी चिंता और नाराजगी जताई। उन्होंने इन तीन जनपदों के जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे व्यक्तिगत रूप से मॉनिटरिंग करें और अभियान में तत्काल तेजी लाएं ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी मतदाताओं तक पहुंचा जा सके।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने शहरी क्षेत्रों में अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए विशेष रणनीति अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि शहरी इलाकों की आवासीय कॉलोनियों, सोसायटियों और सार्वजनिक स्थानों पर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने कहा कि बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) के साथ तैनात आईटी वॉलंटियर्स, बूथ अवेयरनेस ग्रुप और अन्य स्थानीय समितियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। शहरी मतदाताओं को जागरूक करने के लिए तकनीकी माध्यमों और जनसंवाद का सहारा लिया जाए ताकि कोई भी पात्र मतदाता गणना से न छूटे।

बैठक में यह जानकारी भी दी गई कि बुधवार दोपहर तक राज्य में 19 लाख मतदाताओं को सफलतापूर्वक गणना फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं। निर्वाचन विभाग का लक्ष्य है कि अगले कुछ दिनों में वितरण की इस गति को और बढ़ाकर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जाए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची की शुद्धता लोकतंत्र के लिए अनिवार्य है, इसलिए इस कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चन्द्र दुम्का, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी और सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास सहित निर्वाचन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी जिलों के जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे और उन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों की प्रगति रिपोर्ट पेश की। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अंत में सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और डेटा एंट्री की शुद्धता पर विशेष ध्यान देने की हिदायत दी। निर्वाचन विभाग का यह अभियान आने वाले समय में एक पारदर्शी और त्रुटिहीन मतदाता सूची तैयार करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

 

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