चेन्नई। तमिलनाडु के राजनीतिक इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) सरकार का पहला मंत्रिमंडल विस्तार सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस विस्तार के साथ ही तमिलनाडु की सत्ता में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है। नई कैबिनेट में मुख्यमंत्री विजय की टीवीके पार्टी के 21 विधायकों और उनकी सहयोगी कांग्रेस के 2 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। इस कदम के साथ ही कांग्रेस लगभग 60 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद तमिलनाडु की सरकार में आधिकारिक रूप से शामिल हुई है।
मंत्रिमंडल विस्तार की प्रक्रिया के दौरान टीवीके के दो महत्वपूर्ण सहयोगी दलों, आईयूएमएल (IUML) और वीसीके (VCK) ने फिलहाल सरकार में शामिल होने से दूरी बनाए रखी है। इन दोनों दलों के पास विधानसभा में 2-2 विधायक हैं और सरकार के बहुमत को बनाए रखने के लिए इनका समर्थन अत्यंत महत्वपूर्ण है। जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री विजय ने इन दोनों सहयोगी दलों के लिए कैबिनेट में एक-एक पद सुरक्षित रखा है। हालांकि, इन दलों ने अभी तक अपने कोटे के मंत्रियों के नाम फाइनल नहीं किए हैं, जिसके कारण उन्हें अगले चरण के विस्तार में सरकार में शामिल किया जाएगा।
टीवीके नेतृत्व लगातार अपने अन्य सहयोगी दलों जैसे सीपीआई, सीपीएम और वीसीके को गठबंधन सरकार का हिस्सा बनने के लिए औपचारिक निमंत्रण भेज रहा है। वर्तमान में ये दल सरकार को केवल बाहर से समर्थन दे रहे हैं। तमिलनाडु के लोक निर्माण और खेल मंत्री आधव अर्जुन ने इस संबंध में स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री की यह हार्दिक इच्छा है कि सभी सहयोगी दल सरकार के कामकाज में सीधे तौर पर भागीदारी करें। उन्होंने वीसीके प्रमुख थोल तिरुमावलवन से भी मंत्रिमंडल में शामिल होने का विशेष आग्रह किया है।
मुख्यमंत्री विजय ने इसी वर्ष 10 मई को अपने 9 मंत्रियों के साथ पद की शपथ ली थी। तमिलनाडु के संवैधानिक नियमों के अनुसार, राज्य मंत्रिमंडल में अधिकतम 35 मंत्री हो सकते हैं। आज हुए विस्तार में 23 नए मंत्रियों के शपथ लेने के बाद विजय सरकार में मंत्रियों की कुल संख्या बढ़कर 32 हो गई है। इसका अर्थ यह है कि भविष्य में सहयोगी दलों को सरकार में जगह देने के लिए अब भी 3 पद खाली रखे गए हैं। शपथ लेने वाले टीवीके विधायकों में श्रीनाथ, कमली एस, सी विजयलक्ष्मी, आरवी रंजीतकुमार और मोहम्मद फरवास जे सहित कुल 21 नाम शामिल हैं।
इस कैबिनेट विस्तार का सबसे महत्वपूर्ण पहलू कांग्रेस की सत्ता में वापसी है। कांग्रेस विधायक राजेश कुमार और तिरु पी. विश्वनाथन ने मंत्री पद की शपथ लेकर एक नए युग की शुरुआत की है। गौरतलब है कि तमिलनाडु में कांग्रेस ने आखिरी बार मार्च 1967 में एम. भक्तवत्सलम के नेतृत्व में सरकार चलाई थी। वर्ष 1967 के ऐतिहासिक चुनावों में सीएन अन्नादुरई के नेतृत्व वाली डीएमके ने कांग्रेस को सत्ता से बेदखल कर दिया था। तब से लेकर अब तक, यानी लगभग छह दशकों तक कांग्रेस राज्य की किसी भी सरकार का हिस्सा नहीं बन पाई थी। मुख्यमंत्री विजय के इस निर्णय ने कांग्रेस के सूखे को खत्म कर दिया है और राज्य की राजनीति में सत्ता के नए समीकरणों को जन्म दिया है। आगामी दिनों में सहयोगी दलों के शामिल होने के बाद सरकार का स्वरूप और अधिक व्यापक होने की उम्मीद है।
pLS read:TN: तमिलनाडु की राजनीति में बड़े उलटफेर के संकेत कभी भी गिर सकती है विजय की सरकार