TN: तमिलनाडु की राजनीति में बड़े उलटफेर के संकेत कभी भी गिर सकती है विजय की सरकार – The Hill News

TN: तमिलनाडु की राजनीति में बड़े उलटफेर के संकेत कभी भी गिर सकती है विजय की सरकार

नई दिल्ली। तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि अभिनेता विजय के नेतृत्व वाली वर्तमान तमिलनाडु सरकार कभी भी गिर सकती है। पूर्व मुख्यमंत्री स्टालिन ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से आह्वान किया है कि वे राज्य में किसी भी समय होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए पूरी तरह से तैयार रहें। स्टालिन का यह बयान तमिलनाडु की वर्तमान सत्ता संरचना में पैदा हुई संभावित अस्थिरता की ओर इशारा करता है।

वर्तमान में तमिलनाडु की सत्ता पर काबिज अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके के पास विधानसभा में 107 सीटें हैं। उन्हें सहयोगी दल कांग्रेस की 5 सीटों के साथ-साथ चार अन्य छोटे दलों का भी समर्थन प्राप्त है, जिनमें से प्रत्येक के पास 2-2 सीटें हैं। इस गणित के आधार पर विजय के पास फिलहाल बहुमत मौजूद है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री जोसेफ विजय को एआईएडीएमके के उन 25 बागी विधायकों का भी साथ मिला हुआ है, जिन्होंने पिछले सप्ताह विधानसभा में हुए विश्वास मत के दौरान सरकार के पक्ष में मतदान किया था।

हालांकि, एमके स्टालिन इस बहुमत को स्थायी नहीं मान रहे हैं। डीएमके के भीतर चल रही चर्चाओं के अनुसार, यदि विजय के सहयोगी दल जैसे वीसीके, सीपीआई, सीपीएम और आईयूएमएल भविष्य में अपना समर्थन वापस लेने का फैसला करते हैं, तो सरकार संकट में पड़ सकती है। इसके अलावा, एक बड़ा खतरा एआईएडीएमके के बागी विधायकों पर भी मंडरा रहा है। यदि तमिलनाडु विधानसभा के अध्यक्ष या अदालत इन बागी विधायकों को अयोग्य घोषित कर देते हैं, तो विजय की सरकार के लिए सदन में बहुमत का आंकड़ा बरकरार रखना बेहद मुश्किल हो जाएगा।

अपनी पार्टी के जिला सचिवों को संबोधित करते हुए स्टालिन ने स्पष्ट रूप से कहा कि मौजूदा सरकार का पतन कभी भी हो सकता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि चुनाव में मिली हालिया हार केवल अस्थायी है और डीएमके फिर से मजबूती के साथ सत्ता में लौटेगी। स्टालिन ने संभावना जताई कि 2029 के लोकसभा चुनावों के साथ ही तमिलनाडु में दोबारा विधानसभा चुनाव कराए जा सकते हैं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि तमिलनाडु की राजनीति में डीएमके का चुनाव चिह्न ‘सूरज’ कभी अस्त नहीं होगा।

चुनाव में मिली असफलता की पूरी जिम्मेदारी अपने ऊपर लेते हुए स्टालिन ने कार्यकर्ताओं को आधुनिक दौर की राजनीति के लिए तैयार होने की सलाह दी। उन्होंने स्वीकार किया कि वर्तमान में सोशल मीडिया एक अत्यंत प्रभावशाली माध्यम बन चुका है और विजय की पार्टी टीवीके इस क्षेत्र में काफी सक्रिय है। स्टालिन ने कहा कि जिस राजनीति पर कभी चाय की दुकानों पर चर्चा होती थी, अब उस चर्चा को सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों पर ले जाना होगा ताकि युवाओं और नए मतदाताओं से सीधा संवाद साधा जा सके।

पार्टी के जनाधार को फिर से मजबूत करने के उद्देश्य से स्टालिन ने 36 सदस्यों वाली एक विशेष समिति का गठन भी किया है। यह समिति चुनावी हार के कारणों का विस्तृत विश्लेषण करेगी और जनता के बीच जाकर उनका फीडबैक लेगी। इस समिति का मुख्य कार्य यह पता लगाना होगा कि पार्टी का समर्थन आधार किन क्षेत्रों में कमजोर हुआ है। स्टालिन के इन कड़े तेवरों और चुनावी तैयारियों से साफ है कि आने वाले दिनों में तमिलनाडु की राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

 

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