Uttarakhand: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के लिए उत्तराखंड तैयार 15 सितंबर को होगा अंतिम प्रकाशन – The Hill News

Uttarakhand: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के लिए उत्तराखंड तैयार 15 सितंबर को होगा अंतिम प्रकाशन

देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग ने देश के 19 राज्यों में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तीसरे चरण की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इस महत्वपूर्ण अभियान के अंतर्गत उत्तराखंड राज्य में भी मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इस बार पुनरीक्षण अभियान के लिए 1 जुलाई 2026 को अर्हता तिथि (पात्रता की तिथि) माना गया है। इसका अर्थ यह है कि जो भी नागरिक 1 जुलाई 2026 तक मतदान के लिए निर्धारित आयु पूर्ण कर लेंगे, उन्हें इस सूची में शामिल होने का अवसर प्राप्त होगा।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने इस वृहद अभियान के विस्तृत कार्यक्रम की जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि आयोग द्वारा निर्धारित समय सारिणी के अनुसार, उत्तराखंड में इस प्रक्रिया का पहला चरण 29 मई 2026 से प्रारंभ होगा। इस प्रारंभिक चरण में, जो 7 जून 2026 तक चलेगा, निर्वाचन विभाग गणना प्रपत्रों की छपाई और अभियान में शामिल होने वाले कर्मचारियों के प्रशिक्षण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को पूरा करेगा। इस दौरान कर्मचारियों को घर-घर जाकर डेटा संकलित करने की बारीकियों और नियमों के बारे में विस्तार से समझाया जाएगा।

अभियान का सबसे महत्वपूर्ण और जमीनी चरण 8 जून से शुरू होकर 7 जुलाई 2026 तक चलेगा। इस एक महीने की अवधि में बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) सक्रिय रूप से मैदान में उतरेंगे। बीएलओ राज्य के प्रत्येक घर में दस्तक देंगे और गणना प्रपत्रों का वितरण करने के साथ-साथ आवश्यक डेटा संकलित करेंगे। इस चरण का मुख्य उद्देश्य नए पात्र मतदाताओं को जोड़ना, मृत व्यक्तियों के नाम हटाना और पते में परिवर्तन या गलतियों को सुधारना है। घर-घर जाकर होने वाले इस सर्वे से मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित की जाएगी।

घर-घर सर्वे की प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात, 14 जुलाई 2026 को मतदाता सूची के प्रारूप (ड्राफ्ट रोल) का प्रकाशन किया जाएगा। ड्राफ्ट रोल के प्रकाशन के साथ ही आम जनता के लिए दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का समय शुरू हो जाएगा। नागरिक 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 के बीच अपने दावे और आपत्तियां प्रस्तुत कर सकेंगे। इसके पश्चात, प्राप्त सभी दावों और आपत्तियों की गहन जांच की जाएगी और 10 जुलाई से 11 सितंबर 2026 के बीच इनके निस्तारण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। आयोग के कड़े निर्देशों के तहत, सभी विसंगतियों को दूर करने के बाद 15 सितंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची का विधिवत प्रकाशन कर दिया जाएगा।

चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और सहयोग सुनिश्चित करने के लिए राजनैतिक दलों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जानकारी दी कि वर्तमान में उत्तराखंड में कुल 11,733 पोलिंग बूथ हैं। इन बूथों के सापेक्ष विभिन्न राजनैतिक दलों ने भी अपनी सक्रियता बढ़ा दी है और अब तक पूरे प्रदेश में 21,808 बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) की तैनाती कर दी गई है। ये एजेंट बीएलओ के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी पात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल होने से न छूटे। निर्वाचन विभाग का लक्ष्य है कि एक ऐसी त्रुटिरहित और पारदर्शी मतदाता सूची तैयार की जाए, जो आगामी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के लिए ठोस आधार बन सके। इस गहन अभियान के माध्यम से युवाओं को लोकतंत्र के उत्सव में भागीदारी के लिए विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है।

 

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