चंडीगढ़। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने केंद्र सरकार और राज्य में पूर्व में सत्तासीन रही सरकारों पर तीखा जुबानी हमला बोला है। चंडीगढ़ में मीडियाकर्मियों से मुखातिब होते हुए चीमा ने कहा कि पंजाब अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण एक संवेदनशील सीमावर्ती राज्य रहा है, लेकिन कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी की पिछली सरकारों के दौरान यहां आतंकवाद ने जड़ें जमाईं और राज्य के हालात बदतर हुए।
हरपाल सिंह चीमा ने अपनी बात रखते हुए कहा कि पंजाब एक ‘बॉर्डर स्टेट’ है और इसका एक लंबा इतिहास आतंकवाद की विभीषिका के दौर से गुजरा है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर आरोप लगाया कि पिछली सरकारों की गलत नीतियों और ढुलमुल रवैये के कारण राज्य में आतंकवादी गतिविधियां बढ़ीं, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। चीमा के अनुसार, राज्य में शांति व्यवस्था को फिर से स्थापित करने और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए एक लंबे और कठिन संघर्ष की आवश्यकता पड़ी। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती राज्य होने के नाते सुरक्षा संबंधी जो भी इनपुट प्राप्त होंगे, पंजाब सरकार उन्हीं के आधार पर भविष्य के कड़े और जरूरी फैसले लेगी ताकि राज्य की सुरक्षा अक्षुण्ण बनी रहे।
वित्त मंत्री ने केवल आंतरिक मुद्दों तक ही सीमित न रहकर केंद्र सरकार की वैश्विक और आर्थिक नीतियों की भी कड़ी आलोचना की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र की वर्तमान सरकार की विदेश नीतियां और आर्थिक नीतियां पूरी तरह से विफल सिद्ध हुई हैं। चीमा ने कहा कि इन नीतियों के कारण न केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि प्रभावित हो रही है, बल्कि घरेलू आर्थिक मोर्चे पर भी आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
हरपाल सिंह चीमा ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भाजपा को घेरते हुए आरोप लगाया कि जिन राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की सरकारें हैं, वहां अपराध के ग्राफ में लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में अराजकता और असुरक्षा का माहौल पनप रहा है। चीमा का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पंजाब सरकार राज्य में शांति और विकास का दावा कर रही है और केंद्र के साथ विभिन्न मुद्दों पर उसका टकराव बना हुआ है। वित्त मंत्री ने दोहराया कि उनकी सरकार राज्य की सीमाओं और आंतरिक शांति को लेकर पूरी तरह सतर्क है और किसी भी असामाजिक तत्व को राज्य का माहौल बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पिछली सरकारों के दौरान हुई गलतियों से सबक लेकर वर्तमान सरकार सुरक्षा ढांचे को और मजबूत करने की दिशा में कार्य कर रही है।