Uttarakhand: उत्तराखंड में डिजिटल जनगणना कार्य की प्रगति सराहनीय पहली बार स्वगणना का विकल्प बढ़ा रहा जन-भागीदारी – The Hill News

Uttarakhand: उत्तराखंड में डिजिटल जनगणना कार्य की प्रगति सराहनीय पहली बार स्वगणना का विकल्प बढ़ा रहा जन-भागीदारी

देहरादून, 14 मई। भारत के महा रजिस्ट्रार और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने उत्तराखंड में चल रहे जनगणना कार्य की समीक्षा की और इसकी प्रगति पर संतोष व्यक्त किया है। गुरुवार को देहरादून प्रवास के दौरान उन्होंने देहराखास क्षेत्र के कई घरों का स्वयं दौरा किया और जनगणना प्रक्रिया का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने फील्ड स्टाफ से बातचीत कर कार्य के दौरान आने वाली चुनौतियों और लोगों की प्रतिक्रिया की जानकारी ली। मृत्युंजय कुमार नारायण ने कहा कि न केवल उत्तराखंड, बल्कि संपूर्ण भारत में जनगणना का कार्य सुचारू रूप से और उत्साहजनक माहौल में चल रहा है।

जनगणना के इतिहास में इस बार एक बड़ा क्रांतिकारी बदलाव किया गया है। मीडिया से मुखातिब होते हुए महा रजिस्ट्रार ने बताया कि आजाद भारत में यह पहली बार है जब जनगणना की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल फॉर्मेट में स्थानांतरित किया गया है। डिजिटल माध्यम अपनाने का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इससे एकत्रित आंकड़ों की गुणवत्ता और सटीकता बढ़ेगी, साथ ही किसी भी मानवीय त्रुटि को आसानी से पहचाना और सुधारा जा सकेगा। इस बार सरकार ने ‘स्वगणना’ (सेल्फ एन्यूमरेशन) का विकल्प भी प्रदान किया है, जिसे जनता का जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। पूरे देश में करोड़ों लोगों द्वारा स्वगणना का विकल्प चुनना यह दर्शाता है कि नागरिक आधुनिक और डिजिटल तकनीकों को खुले मन से अपना रहे हैं।

डिजिटल जनगणना की चुनौतियों पर बात करते हुए मृत्युंजय कुमार नारायण ने स्वीकार किया कि इतने बड़े स्तर पर डिजिटल अभियान चलाना चुनौतीपूर्ण कार्य है, लेकिन फील्ड स्टाफ और आम जनता के सहयोग से इसे सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यद्यपि ऑफलाइन डेटा एकत्र करने का विकल्प भी उपलब्ध है, लेकिन बाद में उस डेटा को अनिवार्य रूप से डिजिटल फॉर्मेट में ही शामिल किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि देश के किसी भी हिस्से से कानून-व्यवस्था या तकनीकी खराबी के कारण जनगणना कार्य रुकने की कोई सूचना नहीं मिली है। डिजिटल प्रक्रिया के कारण इस बार जनगणना के अंतिम परिणाम पहले की तुलना में बहुत जल्द आने की उम्मीद है।

निरीक्षण के दौरान महा रजिस्ट्रार ने देहराखास में तैनात सुपरवाइजर भूपेंद्र सिंह बिष्ट और प्रगणक हसीना जैदी से सीधा संवाद किया। उन्होंने कर्मचारियों से पूछा कि क्या उन्हें कार्य के दौरान किसी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है और क्या वे नागरिकों को यह भरोसा दिला रहे हैं कि उनके द्वारा दी गई समस्त जानकारियां पूर्णतः गोपनीय रखी जाएंगी। स्थानीय निवासियों ने भी इस प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग देने की बात कही और इसे राष्ट्रहित का महत्वपूर्ण कार्य बताया।

भ्रमण के साथ ही महा रजिस्ट्रार ने देहराखास में जनगणना कार्य निदेशालय के नए और स्थायी कार्यालय भवन का भी उद्घाटन किया। इससे पूर्व, निदेशालय का कार्य मातावाला बाग स्थित एक किराए के परिसर से संचालित हो रहा था। इस उद्घाटन समारोह के अवसर पर जनगणना कार्य सचिव दीपक कुमार, निदेशक ईवा आशीष श्रीवास्तव, संयुक्त निदेशक शैलेंद्र सिंह नेगी, उपनिदेशक तान्या सेठ, प्रवीण कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। नए भवन के निर्माण से विभाग के कार्यों में अधिक सुगमता और गति आने की संभावना जताई गई है।

 

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