गुवाहाटी, 12 मई 2026। पूर्वोत्तर के सबसे महत्वपूर्ण राज्य असम में राजनीतिक स्थिरता और विकास के संकल्प के साथ एक नए अध्याय की शुरुआत हुई है। हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। गुवाहाटी के खानापारा स्थित वेटरनरी ग्राउंड में आयोजित एक अत्यंत भव्य और गरिमामयी समारोह में राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने उन्हें पद की शपथ दिलाई। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विशेष रूप से उपस्थित रहे, जिनकी उपस्थिति ने इस आयोजन की महत्ता को और बढ़ा दिया।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के साथ उनके मंत्रिमंडल के चार अन्य सहयोगियों ने भी मंत्री पद की शपथ ग्रहण की। शपथ लेने वाले प्रमुख नेताओं में भारतीय जनता पार्टी से रामेश्वर तेली और अजंता नेओग शामिल हैं। इसके अलावा, गठबंधन के सहयोगी दलों से असम गण परिषद (एजीपी) के अतुल बोरा और बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट (बीपीएफ) के चरण बोरो ने भी मंत्री पद की शपथ ली। हालांकि, अभी इन मंत्रियों के विभागों का औपचारिक बंटवारा नहीं किया गया है, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि अनुभवी चेहरों को फिर से महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी।
असम में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की यह लगातार तीसरी सरकार है, जो राज्य के राजनीतिक इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। मुख्यमंत्री के तौर पर हिमंत बिस्वा सरमा का यह दूसरा कार्यकाल होगा। इस बार के मंत्रिमंडल में शामिल किए गए चेहरों में अजंता नेओग पिछली सरकार में वित्त विभाग संभाल रही थीं, जबकि अतुल बोरा के पास कृषि और चरण बोरो के पास परिवहन विभाग की जिम्मेदारी थी। वहीं, रामेश्वर तेली की नियुक्ति विशेष चर्चा का विषय है, क्योंकि वे पहले केंद्र सरकार में मंत्री रह चुके हैं और अब उन्हें राज्य की राजनीति में वापस लाया गया है।
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान देश के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व की मौजूदगी ने असम के प्रति केंद्र सरकार की संवेदनशीलता को भी दर्शाया। कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और पूर्व मुख्यमंत्री व केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल उपस्थित रहे। इनके अलावा पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, पवित्र मार्घेरिटा, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और भाजपा शासित विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री भी इस गौरवशाली पल के साक्षी बने।
असम विधानसभा चुनाव के हालिया नतीजों ने यह स्पष्ट कर दिया था कि जनता ने हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व और केंद्र की नीतियों पर अटूट विश्वास जताया है। 126 सदस्यीय असम विधानसभा में राजग ने रिकॉर्ड 102 सीटों पर जीत हासिल की है। इस प्रचंड बहुमत में भाजपा ने अकेले 82 सीटों पर कब्जा किया, जबकि सहयोगी दलों एजीपी और बीपीएफ को 10-10 सीटें मिलीं। इस भारी जनादेश के साथ हिमंत बिस्वा सरमा अब राज्य के पहले ऐसे गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री बन गए हैं, जिन्हें लगातार दो कार्यकाल सेवा देने का अवसर मिला है।
शपथ ग्रहण के साथ ही नई सरकार के सामने राज्य के विकास को और तेज करने, बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने की बड़ी चुनौतियां और अवसर होंगे। गुवाहाटी का खानापारा मैदान हजारों की संख्या में मौजूद समर्थकों के उत्साह और जयकारों से गूंज उठा। प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में संपन्न हुआ यह समारोह केवल एक सरकार का गठन नहीं, बल्कि असम की प्रगति की दिशा में एक सशक्त कदम के रूप में देखा जा रहा है। अब सबकी नजरें आगामी कैबिनेट विस्तार और विभागों के वितरण पर टिकी हैं।
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