नई दिल्ली। रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा युद्ध एक बार फिर अत्यंत हिंसक मोड़ ले चुका है। मंगलवार को रूसी सेना ने यूक्रेन के महत्वपूर्ण गैस उत्पादन ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन से भीषण हमले किए। इस हमले में न केवल ऊर्जा बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान हुआ है, बल्कि पांच लोगों की जान भी चली गई है। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब रूस की ओर से दो दिवसीय युद्धविराम की बात कही जा रही थी, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रूसी दावों की विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे हैं।
गैस संयंत्रों पर रूसी प्रहार और जनहानि
रूस की ओर से मंगलवार को यूक्रेन के पोल्टावा और खार्किव क्षेत्रों में स्थित गैस उत्पादन संयंत्रों पर ताबड़तोड़ हमले किए गए। यूक्रेन की सरकारी ऊर्जा कंपनी नाफ्टोगाज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सर्गेई कोरेत्स्की ने इस हमले की पुष्टि करते हुए बताया कि रूसी मिसाइलों और ड्रोनों ने गैस उत्पादन इकाइयों को सीधा निशाना बनाया। इन हमलों में कुल पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जिनमें तीन कंपनी के कर्मचारी और दो राहत कार्यों में जुटे आपातकालीन सेवा कर्मी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, इस हमले में कम से कम 37 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका स्थानीय अस्पतालों में उपचार चल रहा है। गैस संयंत्रों पर हुए इस हमले से यूक्रेन की ऊर्जा आपूर्ति व्यवस्था पर गहरा संकट मंडराने लगा है।
सीजफायर के बीच जेलेंस्की का तीखा हमला
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए रूस के दोहरे रवैये को बेनकाब किया है। जेलेंस्की ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ दुनिया के सामने युद्धविराम का नाटक करना और दूसरी तरफ निर्दोषों पर घातक हमले करना रूस के ‘घिनौने प्रचार’ का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि प्रचार के उद्देश्य से युद्धविराम की मांग करना और फिर मिसाइलें बरसाना घोर निंदनीय है। गौरतलब है कि पुतिन ने द्वितीय विश्व युद्ध की विजय वर्षगांठ के उपलक्ष्य में 8 से 9 मई तक दो दिवसीय सीजफायर की घोषणा की थी, लेकिन हकीकत में रूसी सेना ने अपने हमलों की तीव्रता और बढ़ा दी है।
युद्धविराम पर जवाबी प्रस्ताव और दीर्घकालिक शांति की मांग
रूसी प्रस्ताव के जवाब में जेलेंस्की ने अपनी ओर से 5-6 मई की रात को युद्धविराम का प्रस्ताव रखा था, हालांकि उन्होंने इसके कार्यान्वयन के लिए कोई निश्चित समयसीमा तय नहीं की। जेलेंस्की का स्पष्ट मानना है कि यूक्रेन को किसी छोटे या प्रतीकात्मक युद्धविराम की नहीं, बल्कि एक दीर्घकालिक और विश्वसनीय शांति की आवश्यकता है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया कि रूस के दिखावटी प्रस्तावों के बजाय जमीन पर उसकी हिंसक गतिविधियों पर ध्यान दिया जाए। जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन केवल शांति के लिए वार्ता नहीं करेगा, बल्कि अपनी सुरक्षा और संप्रभुता के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगा।
यूक्रेन की जवाबी कार्रवाई और रूसी रिफाइनरी में आग
रूसी हमलों के जवाब में यूक्रेन ने भी रूस की सीमा के भीतर घुसकर बड़ी कार्रवाई की है। यूक्रेन की ओर से रूस की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरियों में से एक पर हमला किया गया, जिससे किरीशी शहर के एक औद्योगिक क्षेत्र में भीषण आग लग गई। यूक्रेनी ड्रोन हमलों के कारण वहां तेल भंडार को काफी नुकसान पहुंचा है, हालांकि रूसी अधिकारियों ने दावा किया है कि आग पर काबू पा लिया गया है। वहीं, रूस के रक्षा मंत्रालय ने एक जवाबी रिपोर्ट जारी करते हुए बताया कि उनके वायु रक्षा तंत्र ने सोमवार की रात विभिन्न क्षेत्रों में यूक्रेन के लगभग 300 ड्रोनों को मार गिराया है। सीमा पर बढ़ते इन हमलों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि युद्धविराम की तमाम कोशिशों के बावजूद दोनों देश एक बड़े टकराव की ओर बढ़ रहे हैं।
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