चंडीगढ़। पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन, बिजली और स्थानीय निकाय
मंत्री संजीव अरोड़ा ने राज्य के सभी नगर निगम आयुक्तों और अतिरिक्त उपायुक्तों
(जी एंड यूडी) को एक महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किया है। उन्होंने अधिकारियों को
आदेश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सीवरेज प्रणालियों की समयबद्ध और
व्यवस्थित सफाई व डी-सिल्टिंग (गाद निकालने का कार्य) सुनिश्चित करें।
आगामी मानसून सीजन की तैयारियों को प्राथमिकता देते हुए संजीव अरोड़ा ने कहा कि यदि
समय रहते सीवर की सफाई नहीं की गई, तो भारी बारिश के दौरान शहरी इलाकों में जलभराव
और सीवर ओवरफ्लो जैसी गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इससे न केवल यातायात
बाधित होता है, बल्कि आम जनता को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ता
है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी अप्रिय स्थितियों से बचने के लिए प्रशासन
को सक्रिय रूप से कार्य करना होगा ताकि जल निकासी व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
संजीव अरोड़ा ने जानकारी साझा की कि सीवर की सफाई और डी-सिल्टिंग के लिए आवश्यक
अनुबंध पहले ही आवंटित किए जा चुके हैं। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों
को निर्देश दिया कि वे बिना किसी देरी के काम शुरू करवाएं और मानसून की शुरुआत
से पहले इसे पूरा करें। उन्होंने विशेष रूप से उन निचले इलाकों पर ध्यान केंद्रित
करने को कहा है, जहाँ अक्सर जलभराव की समस्या देखी जाती है।
समय पर सीवर सफाई के फायदों का उल्लेख करते हुए मंत्री ने बताया कि इससे बारिश के
पानी की निकासी तेजी से होती है और भारी वर्षा के दौरान शहरों में बाढ़ जैसी
स्थिति नहीं बनती। यह कदम शहरों में स्वच्छता बनाए रखने के साथ-साथ डेंगू,
मलेरिया और हैजा जैसी जलजनित बीमारियों के प्रसार को रोकने में भी सहायक
होगा। इसके अतिरिक्त, जलभराव न होने से सड़कों और सार्वजनिक संपत्ति को
होने वाले नुकसान को भी कम किया जा सकता है। सुचारू सीवरेज तंत्र से बुनियादी
ढांचे की उम्र बढ़ती है और आपातकालीन मरम्मत पर होने वाले खर्च में भी बचत होती
है।
मंत्री ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि इस कार्य की निरंतर निगरानी
और कड़ी पर्यवेक्षण सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जवाबदेही तय करते हुए निर्देश दिया
कि किए गए कार्यों और प्रगति की विस्तृत रिपोर्ट जल्द से जल्द उनके कार्यालय को
भेजी जाए। संजीव अरोड़ा ने नागरिक कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता
दोहराते हुए कहा कि सभी विभाग आपस में समन्वय बिठाकर काम करें ताकि पंजाब के
निवासियों को आगामी मानसून में किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।