चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने राज्य के युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों के द्वार खोलते हुए योजना विभाग में नई भर्तियों का रास्ता साफ कर दिया है। वित्त एवं योजना मंत्री हरपाल चीमा ने विभाग में रिक्त 70 पदों पर सीधी भर्ती प्रक्रिया को अपनी औपचारिक स्वीकृति दे दी है। इस निर्णय को राज्य में रोजगार सृजन और प्रशासनिक कार्यक्षमता को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा और प्रभावी कदम माना जा रहा है।
हरपाल चीमा ने इस निर्णय की जानकारी साझा करते हुए कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य विभागीय कामकाज को सुचारू बनाना और युवाओं को करियर के बेहतर अवसर प्रदान करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह भर्तियां विभाग की दो महत्वपूर्ण संस्थाओं— सांख्यिकी निदेशालय तथा आर्थिक नीति एवं योजना बोर्ड के अधीन की जाएंगी। स्वीकृत पदों में ग्रुप-ए, बी और सी श्रेणियों के पद शामिल हैं।
पदों का विस्तृत विवरण देते हुए उन्होंने बताया कि कुल 70 पदों में से सांख्यिकी निदेशालय में 68 नियुक्तियां की जाएंगी। इनमें 50 पद इन्वेस्टिगेटर के, 14 सहायक अनुसंधान अधिकारी के और 4 पद वरिष्ठ सहायक के शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, आर्थिक नीति एवं योजना बोर्ड के लिए दो महत्वपूर्ण पदों पर भर्ती होगी, जिसमें एक ग्रुप-ए प्रोग्रामर और एक वरिष्ठ सहायक का पद निर्धारित किया गया है। इन नियुक्तियों के माध्यम से विभाग के सांख्यिकीय और नीतिगत विश्लेषण कार्यों में काफी सुधार आने की उम्मीद है।
भर्ती प्रक्रिया की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए चीमा ने बताया कि शुरुआत में पंजाब कैबिनेट के सामने दोनों संस्थाओं में 140 पदों को भरने का एक व्यापक प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था। इस पर गहन विचार-विमर्श के बाद, 29 मार्च 2026 को हुई कैबिनेट की बैठक में फिलहाल 50 प्रतिशत पदों को भरने की मंजूरी दी गई थी। इसी कैबिनेट फैसले के आधार पर अब 70 पदों पर भर्ती की कार्यवाही को अंतिम रूप देकर आगे बढ़ाया जा रहा है।
वित्त मंत्री ने जोर देकर कहा कि पूरी भर्ती प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ संपन्न किया जाएगा। इसके लिए अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड (एसएसबी) को आधिकारिक तौर पर पत्र भेजा जा रहा है। सरकार की ओर से एसएसबी को यह निर्देश भी दिए जा रहे हैं कि इन पदों को भरने के लिए चयन प्रक्रिया में तेजी लाई जाए ताकि विभाग को जल्द ही कुशल जनशक्ति मिल सके और पात्र युवाओं को समय पर रोजगार प्राप्त हो सके। चीमा ने दोहराया कि राज्य सरकार युवाओं के हितों की रक्षा और सरकारी तंत्र को सशक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।