Iran: इजरायल ने ईरान के चार हजार ठिकानों पर किया हमला और मची तबाही

नई दिल्ली। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच मध्य-पूर्व में जारी खूनी संघर्ष को अब एक महीने से अधिक का समय बीत चुका है। इस दौरान युद्ध की तीव्रता लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे दुनिया भर में गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं। बुधवार को इजरायल ने ईरान पर एक बड़ा हमला करते हुए दावा किया कि उसने ईरानी शासन और उसके सहयोगी नेटवर्क के 4,000 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया है। इस भीषण गोलाबारी के बीच कुवैत और बहरीन में भी ताज़ा हमले हुए हैं, जबकि कतर के समीप एक तेल टैंकर के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली है।

इजरायली रक्षा बलों (आईडीएफ) ने बुधवार को तेहरान सहित ईरान के विभिन्न हिस्सों में बड़े पैमाने पर हवाई हमलों की एक नई लहर पूरी की। ईरानी सरकारी ब्रॉडकास्टर ने भी राजधानी के कई इलाकों में जोरदार धमाकों की पुष्टि की है। आईडीएफ के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल एफी डेफ्रिन ने एक वीडियो संदेश में बताया कि यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के साथ मिलकर किए गए इस समन्वित अभियान में अब तक लगभग 16,000 गोला-बारूद गिराए जा चुके हैं। इजरायल का दावा है कि इस कार्रवाई में ईरानी शासन से जुड़े 2,000 से अधिक सैनिक और कमांडर मारे गए हैं।

दूसरी ओर, ईरान ने भी अपने पलटवार तेज कर दिए हैं। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ के तहत अपनी 88वीं लहर शुरू की है। इसके अंतर्गत अमेरिका और इजरायल के ठिकानों पर चार बड़े हमले किए गए हैं। बहरीन के गृह मंत्रालय ने जानकारी दी कि ईरानी आक्रामकता के कारण उनकी एक स्थानीय कंपनी की इकाई में भीषण आग लग गई, जिसे बुझाने के लिए सिविल डिफेंस की टीमें लगातार मशक्कत कर रही हैं। इसके अतिरिक्त, बुधवार को ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों के जवाब में मध्य इजरायल के कई शहरों में चेतावनी वाले सायरन गूंजते रहे।

युद्ध का असर लेबनान की सीमाओं पर भी स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। आईडीएफ ने बताया कि मंगलवार रात दक्षिणी लेबनान में एक अभियान के दौरान सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल के जरिए इजरायल का एक सैन्य ड्रोन मार गिराया गया। इस बीच, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद मोजतबा खामेनेई ने हिज्बुल्ला के प्रति अपना अटूट समर्थन दोहराया है। उन्होंने हिज्बुल्ला महासचिव शेख नईम कासिम को भेजे संदेश में स्पष्ट किया कि इस्लामी गणराज्य की नीति अमेरिका और इजरायल के खिलाफ प्रतिरोध आंदोलनों को हर संभव सहायता प्रदान करना है।

वर्तमान स्थिति को देखते हुए ऐसा प्रतीत होता है कि कोई भी पक्ष पीछे हटने को तैयार नहीं है। इजरायल जहां ईरानी आतंकी ढांचे और उसके प्रॉक्सी नेटवर्क को जड़ से खत्म करने का दावा कर रहा है, वहीं ईरान अपने हमलों की संख्या बढ़ाकर जवाबी कार्रवाई कर रहा है। यमन की ओर से भी इजरायल पर मिसाइल दागने की कोशिश की गई, जिसे इजरायली सुरक्षा तंत्र ने बीच में ही नाकाम कर दिया। मिडिल-ईस्ट में बढ़ता यह तनाव न केवल क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी बड़ी चुनौती बन गया है। आगामी दिनों में इस संघर्ष के और उग्र होने की आशंका बनी हुई है।

 

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