Uttarakhand: चंपावत की स्वास्थ्य सेवाओं को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दी नई उड़ान और आधुनिक एम्बुलेंस व फेको मशीन की सौगात

टनकपुर (चंपावत)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने गृह जनपद चंपावत के निवासियों को बेहतर और त्वरित चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा और प्रभावी कदम उठाया है। टनकपुर स्थित उपजिला चिकित्सालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और एडवांस्ड एम्बुलेंस सेवा का लोकार्पण किया। इन सुविधाओं के जुड़ने से अब स्थानीय नागरिकों को गंभीर बीमारियों और आपातकालीन स्थितियों में उच्च स्तरीय उपचार के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

एसीएलएस एम्बुलेंस से मिलेगी त्वरित राहत
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उपजिला चिकित्सालय टनकपुर से ‘एडवांस्ड कार्डियोवस्कुलर लाइफ सपोर्ट’ (ACLS) एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह एम्बुलेंस किसी चलते-फिरते अस्पताल से कम नहीं है, जो अत्याधुनिक जीवनरक्षक उपकरणों जैसे डिफिब्रिलेटर, वेंटिलेटर और मॉनिटर्स से सुसज्जित है। यह विशेष रूप से हृदय रोग से पीड़ित मरीजों, गंभीर दुर्घटनाओं के घायलों और अन्य जीवन-मरण की स्थितियों में फँसे लोगों के लिए वरदान साबित होगी।

इस एम्बुलेंस के माध्यम से गंभीर मरीजों को अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही प्रारंभिक और उन्नत चिकित्सा सहायता मिलना संभव हो सकेगा, जिससे बहुमूल्य जानों को बचाने में बड़ी मदद मिलेगी। यह आधुनिक एम्बुलेंस बहल पेपर मिल्स लिमिटेड, काशीपुर द्वारा अपनी ‘कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी’ (CSR) पहल के तहत स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराई गई है।

फेकोइमल्सीफिकेशन मशीन से अब आंखों का आधुनिक उपचार संभव
मुख्यमंत्री ने अस्पताल में नेत्र रोगियों की सुविधा के लिए आधुनिक ‘फेकोइमल्सीफिकेशन’ (Phacoemulsification) मशीन का भी लोकार्पण किया। इस तकनीक के आने से अब मोतियाबिंद और अन्य जटिल नेत्र रोगों का ऑपरेशन स्थानीय स्तर पर ही सूक्ष्म चीरा तकनीक के माध्यम से संभव हो सकेगा। इससे न केवल मरीजों को कम दर्द होगा, बल्कि वे जल्दी रिकवर भी हो पाएंगे। विशेष रूप से क्षेत्र के बुजुर्गों के लिए यह मशीन अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी, जिन्हें अब आंखों के बेहतर इलाज के लिए दूसरे जनपदों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।

चिकित्सा सुविधाओं का निरीक्षण और फीडबैक
लोकार्पण के पश्चात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अस्पताल की कार्यप्रणाली को स्वयं परखने के लिए परिसर का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में हाल ही में स्थापित की गई नई डायलिसिस मशीन का अवलोकन किया और चिकित्सकों से इसकी उपयोगिता व कार्यक्षमता के बारे में तकनीकी जानकारी ली। डायलिसिस की सुविधा होने से गुर्दा रोगों से पीड़ित स्थानीय मरीजों को बहुत बड़ी राहत मिली है।

मुख्यमंत्री ने अस्पताल के आपातकालीन कक्ष (इमरजेंसी वार्ड) का भी दौरा किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने वहां उपचाराधीन मरीजों और उनके साथ आए तीमारदारों से आत्मीयता के साथ बातचीत की। उन्होंने मरीजों से पूछा कि उन्हें अस्पताल में दवाएं समय पर मिल रही हैं या नहीं और डॉक्टरों का व्यवहार कैसा है। मुख्यमंत्री ने मरीजों से सीधे फीडबैक लेकर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को जमीन पर परखा। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी और अन्य स्वास्थ्य अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि अस्पताल में आने वाले हर गरीब और जरूरतमंद मरीज को संवेदनशील व्यवहार के साथ त्वरित और निःशुल्क उपचार प्रदान किया जाए।

इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, नगर पालिका अध्यक्ष विपिन कुमार, ब्लॉक प्रमुख अंचला बोहरा सहित जिलाधिकारी मनीष कुमार और पुलिस अधीक्षक रेखा यादव ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान ने नई सुविधाओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के इस प्रयास से चंपावत जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। टनकपुर के उपजिला चिकित्सालय में इन आधुनिक सुविधाओं की उपलब्धता यह दर्शाती है कि राज्य सरकार प्रदेश के दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों में भी गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा ढांचे के विस्तार के लिए पूरी तरह संकल्पित है। आने वाले समय में इन सुविधाओं का लाभ हजारों स्थानीय लोगों को मिलेगा और उनके समय व धन की भी बचत होगी।

 

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