Uttarpradesh: बलरामपुर के विकास और अध्यात्म के संगम पर योगी आदित्यनाथ ने शक्तिपीठ में की विशेष पूजा

बलरामपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान बलरामपुर पहुंचे, जहां उन्होंने विकास कार्यों की समीक्षा के साथ-साथ आध्यात्मिक अनुष्ठानों में भी भाग लिया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य निर्माणाधीन मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय और स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय का निरीक्षण करना था। बुधवार शाम को जनपद में आगमन के पश्चात योगी आदित्यनाथ सीधे प्रसिद्ध शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने रात्रि विश्राम किया और गुरुवार की सुबह को पूरी तरह आध्यात्मिक और सामाजिक गतिविधियों के लिए समर्पित किया।

शक्तिपीठ में विशेष पूजन और आध्यात्मिक अनुष्ठान
गुरुवार की सुबह योगी आदित्यनाथ ने शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर के गर्भगृह में मां पाटेश्वरी के चरणों में मत्था टेका। उन्होंने विधि-विधान के साथ देवी की पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर में उनकी उपस्थिति के दौरान वातावरण पूरी तरह भक्तिमय रहा। पूजा के पश्चात उन्होंने शक्तिपीठ के पीठाधीश्वर महंत मिथिलेश नाथ योगी के साथ मंदिर परिसर का विस्तृत भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने मंदिर की ऐतिहासिक महत्ता और वहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं के संबंध में भी चर्चा की। योगी आदित्यनाथ का देवीपाटन मंदिर के साथ गहरा जुड़ाव रहा है, और वे अक्सर यहां आकर पूजा-पाठ और व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे हैं।

गोसेवा और सामाजिक सरोकार
धार्मिक अनुष्ठानों के बाद योगी आदित्यनाथ मंदिर परिसर में स्थित गोशाला पहुंचे। वहां उन्होंने पारंपरिक रूप से गोसेवा की। मुख्यमंत्री ने गायों को अपने हाथों से गुड़, दाना और चारा खिलाया। गोसेवा के दौरान वे काफी देर तक वहां रुके और गायों की देखभाल के संबंध में सेवादारों से जानकारी ली। उनके इस कदम को गोवंश के संरक्षण और संवर्धन के प्रति उनकी व्यक्तिगत प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है।

इसके पश्चात उन्होंने मंदिर द्वारा संचालित थारू जनजाति छात्रावास का रुख किया। वहां उन्होंने जनजाति समाज के बच्चों से मुलाकात की। बच्चों के बीच पहुंचकर योगी आदित्यनाथ ने उनकी पढ़ाई और खान-पान के बारे में विस्तार से पूछा। उन्होंने बच्चों का कुशलक्षेम जाना और उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरित किया। छात्रावास की व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए उन्होंने पीठाधीश्वर मिथिलेश नाथ योगी को सुझाव दिया कि इस छात्रावास में छात्र-छात्राओं की संख्या बढ़ाने के प्रयास किए जाने चाहिए, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा और बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

विकास कार्यों की समीक्षा और जनप्रतिनिधियों से संवाद
दौरे के पहले चरण में बुधवार शाम को योगी आदित्यनाथ ने जिले के प्रमुख जनप्रतिनिधियों और भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में भाजपा जिलाध्यक्ष रवि मिश्र, सदर विधायक पल्टूराम, तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ल, उतरौला विधायक राम प्रताप वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी और नगर पालिका चेयरमैन धीरेंद्र प्रताप सिंह धीर मौजूद रहे।

योगी आदित्यनाथ ने इन जनप्रतिनिधियों से केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का फीडबैक लिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना सुनिश्चित होना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने चैत्र नवरात्र के अवसर पर देवीपाटन मंदिर में लगने वाले राजकीय मेले की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने महंत मिथिलेश नाथ योगी से मेले के दौरान सुरक्षा, सफाई और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए की जा रही तैयारियों पर चर्चा की।

निरीक्षण और प्रशासनिक निर्देश
बलरामपुर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री का मुख्य केंद्र मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय और स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय का निर्माण कार्य रहा। उन्होंने मौके पर जाकर चल रहे कार्यों की प्रगति देखी और अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से गुणवत्तापूर्ण निर्माण पूरा करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय और मेडिकल कॉलेज के बन जाने से क्षेत्र के युवाओं को शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़े अवसर प्राप्त होंगे। प्रशासन को सख्त निर्देश देते हुए उन्होंने अपराध और अपराधियों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम करने को कहा।

सुरक्षा व्यवस्था और क्षेत्र का माहौल
योगी आदित्यनाथ के 16 घंटे के प्रवास के दौरान पूरे तुलसीपुर क्षेत्र को छावनी के रूप में तब्दील कर दिया गया था। सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए थे। भवानीपुर स्थित हेलीपैड से लेकर देवीपाटन मंदिर तक चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल और सुरक्षा एजेंसियों के जवान तैनात रहे। सुरक्षा कारणों से कड़े पहरे के बावजूद मंदिर परिसर में आम श्रद्धालुओं के आने-जाने पर कोई रोक नहीं लगाई गई और भक्तों का आवागमन सामान्य रूप से चलता रहा।

गुरुवार को मंदिर के समस्त कार्यक्रमों और निरीक्षण कार्यों को पूरा करने के बाद योगी आदित्यनाथ भवानीपुर हेलीपैड पहुंचे। वहां से उन्होंने हेलीकॉप्टर के जरिए अपने अगले गंतव्य के लिए उड़ान भरी। उनके इस दौरे ने न केवल बलरामपुर के विकास कार्यों को गति प्रदान की है, बल्कि शक्तिपीठ के प्रति उनकी अगाध आस्था और सामाजिक वर्गों के प्रति उनके जुड़ाव को भी रेखांकित किया है। स्थानीय प्रशासन अब उनके द्वारा दिए गए निर्देशों के आधार पर आगामी मेलों और निर्माण कार्यों को अंतिम रूप देने में जुट गया है।

 

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