अमृतसर। उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के साथ ही पंजाब के मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। पिछले कुछ दिनों से बढ़ रही तपिश और गर्मी के बीच गुरुवार तड़के राज्य के कई हिस्सों, विशेषकर माझा क्षेत्र में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। तेज हवाओं और गरज के साथ हुई हल्की बारिश ने पंजाब के तापमान में अच्छी-खासी गिरावट दर्ज की है, जिससे स्थानीय निवासियों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। सुबह-सुबह हुई इस बारिश और ठंडी हवाओं के चलते वातावरण सुहावना हो गया है।
अमृतसर और माझा क्षेत्र में सुबह का नजारा
अमृतसर सहित माझा क्षेत्र के विभिन्न जिलों में गुरुवार की सुबह प्रकृति का अलग ही रूप देखने को मिला। अमृतसर शहर में सुबह करीब पांच बजे अचानक बादलों का जमावड़ा शुरू हुआ और देखते ही देखते तेज हवाओं के साथ बारिश की फुहारें पड़ने लगीं। सुबह के समय हुई इस बूंदाबांदी ने पूरे शहर को ठंडक से भर दिया। लोग जब सोकर उठे तो उन्हें बदले हुए मौसम का अहसास हुआ। बारिश और हवाओं के कारण जो तापमान पिछले कुछ दिनों से ऊपर की ओर जा रहा था, वह अचानक नीचे आ गया। न केवल अमृतसर शहर, बल्कि अजनाला और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी मौसम का ऐसा ही असर देखने को मिला।
अजनाला में ओलावृष्टि और फसलों की स्थिति
मौसम के इस बदलाव के बीच अमृतसर के सीमावर्ती क्षेत्र अजनाला से ओलावृष्टि की खबरें भी सामने आई हैं। यहां बारिश के साथ ओले गिरे, जिससे एक बार किसानों की चिंता बढ़ गई थी। आमतौर पर इस समय ओलावृष्टि फसलों के लिए हानिकारक मानी जाती है, लेकिन राहत की बात यह रही कि अब तक की मिली जानकारियों के अनुसार, फसलों को किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है। अजनाला के आसपास के खेतों में गिरे ओलों ने तापमान को और अधिक गिरा दिया, जिससे क्षेत्र में हल्की ठंड महसूस की गई।
विभिन्न जिलों में बारिश के आंकड़े
मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार की सुबह माझा क्षेत्र के अलग-अलग जिलों में अलग-अलग स्तर की वर्षा दर्ज की गई। अमृतसर में सबसे अधिक 7.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिसने शहर की सड़कों और गलियों को तर कर दिया। इसके अलावा, गुरदासपुर जिले में 3 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई और पठानकोट में भी 1.5 मिलीमीटर वर्षा हुई। होशियारपुर जिले के कई इलाकों में भी हल्की बूंदाबांदी ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इन जिलों में हुई बारिश ने धूल और प्रदूषण के कणों को शांत कर दिया, जिससे हवा साफ और ताजी महसूस होने लगी है।
दिन भर के मौसम का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के विशेषज्ञों का कहना है कि गुरुवार की सुबह जो बारिश हुई वह पश्चिमी विक्षोभ के प्रारंभिक असर के कारण थी। विभाग के अनुसार, पंजाब के आसमान के ऊपर से बादलों का एक बड़ा समूह गुजर रहा है, जिसके कारण सुबह बारिश हुई। हालांकि, अनुमान जताया गया है कि दिन चढ़ने के साथ ही बादल छंट सकते हैं और धूप निकल सकती है। गुरुवार को दिन के समय मौसम साफ रहने की संभावना है, लेकिन हवाओं में मौजूद ठंडक के कारण गर्मी का अहसास कम होगा। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि गुरुवार की सुबह के बाद फिलहाल तेज बारिश की संभावना कम है।
14 मार्च से फिर सक्रिय होगा मौसम का नया तंत्र
पंजाब के लोगों के लिए मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए भी चेतावनी जारी की है। विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान में सक्रिय हुआ पश्चिमी विक्षोभ अपना असली रंग 14 मार्च से दिखाना शुरू करेगा। 14 मार्च को पंजाब के उन जिलों में मौसम का अधिक असर देखने को मिलेगा जो हिमाचल प्रदेश की सीमाओं से सटे हुए हैं। विशेष रूप से पठानकोट, होशियारपुर और नवांशहर जैसे जिलों में 14 मार्च को अच्छी बारिश होने के आसार बन रहे हैं। इन क्षेत्रों में पहाड़ी इलाकों से आने वाली ठंडी हवाएं तापमान को और अधिक कम कर सकती हैं।
15 मार्च को राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, 15 मार्च का दिन पूरे पंजाब के लिए मौसम के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है। इस दिन राज्य के अधिकांश जिलों में व्यापक रूप से वर्षा होने की संभावना जताई गई है। जिन जिलों के लिए बारिश का पूर्वानुमान लगाया गया है, उनमें पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, होशियारपुर, कपूरथला, जालंधर और नवांशहर शामिल हैं। इसके साथ ही रूपनगर, मोहाली, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला और संगरूर जैसे मालवा क्षेत्र के जिलों में भी बारिश की संभावना है। 15 मार्च को होने वाली यह संभावित बारिश पंजाब के बड़े हिस्से को कवर करेगी, जिससे गर्मी की शुरुआत पर एक बार फिर विराम लग सकता है।
मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक पंजाब के मौसम में उतार-चढ़ाव की यह स्थिति बनी रहेगी। बादलों की आवाजाही और रुक-रुक कर होने वाली बारिश से कृषि और सामान्य जनजीवन पर असर पड़ सकता है। फिलहाल, गुरुवार को हुई बारिश ने अमृतसर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बड़ी राहत दी है। वातावरण में मौजूद ठंडक और सुहावने मौसम का लोग आनंद ले रहे हैं। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि लोग मौसम के बदलते मिजाज के अनुसार अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें, क्योंकि तापमान में अचानक आई यह गिरावट जुकाम और अन्य मौसमी बीमारियों का कारण बन सकती है। आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ का असर राज्य की आबोहवा को और अधिक ठंडा बनाए रखने की उम्मीद है।
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