शिमला। कविंद्र गुप्ता ने मंगलवार सुबह हिमाचल प्रदेश के 30वें राज्यपाल के रूप में अपने पद और गोपनीयता की शपथ ग्रहण की। शिमला स्थित लोक भवन (राजभवन) में आयोजित एक गरिमामय समारोह में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया ने उन्हें शपथ दिलाई। राज्यपाल ने हिंदी भाषा में शपथ ग्रहण की। समारोह की शुरुआत में मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने राष्ट्रपति द्वारा जारी किया गया नियुक्ति का वारंट पढ़ा।
इस शपथ ग्रहण समारोह की एक विशेष बात यह रही कि यहाँ पहली बार छह छंदों वाला संपूर्ण ‘वंदे मातरम’ गाया गया। हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा ‘वंदे मातरम’ को लेकर जारी किए गए नए दिशा-निर्देशों के तहत अब इसे सरकारी कार्यक्रमों और महत्वपूर्ण आयोजनों में अनिवार्य किया गया है। नए नियमों के अनुसार, इस दौरान सभी को राष्ट्रगान के समान ही खड़े होकर सम्मान देना होता है। हिमाचल प्रदेश में राज्यपाल के इस आधिकारिक कार्यक्रम से ही इस नई परंपरा का आगाज हुआ है।
शपथ लेने के बाद मीडिया से रूबरू होते हुए राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने कहा कि वे हिमाचल प्रदेश के सर्वांगीण विकास और जनकल्याण के लिए समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर काम करेंगे। उन्होंने राज्यपाल के रूप में इस सेवा को अपने लिए एक बड़ी जिम्मेदारी और चुनौतीपूर्ण अवसर बताया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ करेंगे।
कविंद्र गुप्ता का लंबा और सक्रिय राजनीतिक सफर रहा है। उनका जन्म 2 दिसंबर 1959 को हुआ था। वे मात्र 13 वर्ष की अल्पायु में ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़ गए थे। 1978-79 के दौरान उन्होंने विश्व हिंदू परिषद की पंजाब इकाई में सचिव के रूप में कार्य किया। उनके प्रशासनिक अनुभव की बात करें तो वे 2005 से 2010 तक लगातार तीन बार जम्मू के मेयर चुने गए। उन्होंने भारतीय जनता युवा मोर्चा की जम्मू-कश्मीर इकाई का नेतृत्व भी किया। 2014 में वे पहली बार विधायक बने और 2018 में जम्मू-कश्मीर की गठबंधन सरकार में उपमुख्यमंत्री के रूप में सेवाएं दीं। 14 जुलाई 2022 को उन्हें लद्दाख का तीसरा उपराज्यपाल नियुक्त किया गया था।
राजभवन में कार्यभार संभालते ही उनके सामने सबसे पहला महत्वपूर्ण कार्य रेरा (RERA) संशोधन विधेयक पर निर्णय लेना होगा। इस विधेयक में चयन समिति के अध्यक्ष के रूप में मुख्य न्यायाधीश के स्थान पर मुख्य सचिव को नियुक्त करने का प्रावधान है। पूर्व राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने इस पर कुछ सुझाव देते हुए इसे सरकार को वापस भेजा था, लेकिन सुक्खू सरकार ने इसे दोबारा विधानसभा से पारित करवाकर राजभवन भेजा है। अब कविंद्र गुप्ता को इस पर अंतिम फैसला लेना है।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू, विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर, स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल और पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इस अवसर पर राज्यपाल की पत्नी बिंदु गुप्ता भी उनके साथ मौजूद रहीं।
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