चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को राज्य की महिलाओं के लिए अपनी सबसे बड़ी चुनावी गारंटी पूरी करने का ऐतिहासिक एलान किया है। सरकार ने ‘मुख्यमंत्री मावां-धियां सत्कार योजना’ शुरू करने की घोषणा की है, जिसके माध्यम से प्रदेश की महिलाओं को हर महीने सीधे उनके बैंक खातों में वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारने के लिए राज्य के नवीनतम बजट में 9,300 करोड़ रुपये का भारी-भरकम प्रावधान किया गया है।
योजना के मुख्य बिंदुओं पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 18 वर्ष से अधिक आयु की प्रत्येक पात्र महिला को हर महीने 1,000 रुपये की राशि दी जाएगी। वहीं, सामाजिक न्याय को प्राथमिकता देते हुए अनुसूचित जाति (SC) समुदाय की महिलाओं के लिए यह राशि 1,500 रुपये प्रतिमाह निर्धारित की गई है। भगवंत मान ने इसे महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बताया है। उन्होंने कहा कि “सारी गारंटियां पूरी” वाला यह बजट केवल एक वित्तीय दस्तावेज नहीं, बल्कि पंजाब की खुशहाली का आधिकारिक हलफनामा है।
पंजीकरण की प्रक्रिया को लेकर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आगामी बैसाखी के पावन पर्व से आवेदन लेने का काम शुरू हो जाएगा। सरकार इस पूरे अभियान को ‘वॉर फुटिंग’ यानी युद्ध स्तर पर संचालित करेगी ताकि कोई भी पात्र महिला इस लाभ से वंचित न रहे। पूरे प्रदेश में विशेष पंजीकरण शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिससे महिलाओं को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं होगी और वे सुगमता से अपनी औपचारिकताएं पूरी कर सकेंगी।
मुख्यमंत्री ने वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ने भ्रष्टाचार और सिस्टम की लीकेज को बंद कर सरकारी खजाने को मजबूत किया है, यही कारण है कि आज सरकार के पास जनकल्याण के लिए धन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्ववर्ती शासनकाल में बजट केवल लच्छेदार भाषणों और कोरी घोषणाओं तक सीमित रहते थे, लेकिन अब विकास जमीन पर दिखाई दे रहा है।
बजट में महिला सशक्तिकरण के साथ-साथ शिक्षा और खेलों पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। शिक्षा के बजट में सात प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है, जबकि खेल बुनियादी ढांचे के लिए 1,791 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। मुख्यमंत्री का मानना है कि युवाओं को खेलों से जोड़कर ही नशे जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म किया जा सकता है। इसके अलावा मुफ्त बस यात्रा, मुफ्त बिजली और 10 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज जैसी योजनाएं पहले से ही सफलतापूर्वक संचालित की जा रही हैं। सरकार का लक्ष्य पंजाब के हर घर तक खुशहाली पहुँचाना है।