फाजिल्का/चंडीगढ़। पंजाब की कृषि अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई पर ले जाने और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। कृषि और खाद्य प्रसंस्करण मंत्री गुरमीत सिंह खुडियां ने फाजिल्का जिले के आलमगढ़ गांव में तीन महत्वपूर्ण महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इनमें मिर्च प्रसंस्करण इकाई (चिल्ली प्रोसेसिंग यूनिट), साइट्रस प्रोसेसिंग यूनिट और हाई-टेक नर्सरी शामिल हैं। इन परियोजनाओं का विस्तार पंजाब एग्री एक्सपोर्ट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पगरेक्सको) द्वारा किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य के कृषि-प्रसंस्करण क्षेत्र को मजबूत करना है।
गुरमीत सिंह खुडियां ने इस अवसर पर कहा कि इन परियोजनाओं से न केवल किसानों की आय में भारी वृद्धि होगी, बल्कि पंजाब उच्च मूल्य वाले प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के वैश्विक केंद्र के रूप में भी स्थापित होगा। क्षेत्र के मिर्च उत्पादकों के लिए बड़ी सुविधा की घोषणा करते हुए उन्होंने बताया कि आलमगढ़ में मिर्च प्रसंस्करण की कुल क्षमता अब 1 मीट्रिक टन प्रति घंटा से बढ़कर 4 मीट्रिक टन प्रति घंटा हो गई है। यहाँ लाल और हरी मिर्च से अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए उच्च गुणवत्ता वाला मिर्च पेस्ट तैयार किया जाएगा। इस पहल से स्थानीय किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए एक सीधा माध्यम मिलेगा और उन्हें मिर्च सुखाने के लिए धूप और पारंपरिक तरीकों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। हर सीजन में लगभग 6,500 मीट्रिक टन मिर्च का प्रसंस्करण होने से किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिलेगा और कटाई के बाद होने वाला नुकसान भी कम होगा।
इसके अलावा, पंजाब के मशहूर किन्नू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए साइट्रस प्रोसेसिंग यूनिट का तकनीकी आधुनिकीकरण किया गया है। आधुनिकीकरण के तहत यहाँ नई मशीनें लगाई गई हैं जो किन्नू के रस में आने वाले प्राकृतिक कड़वेपन को दूर करेंगी और अम्लता (एसिडिटी) को नियंत्रित करेंगी। इससे पंजाब का किन्नू जूस वैश्विक मानकों के अनुरूप हो जाएगा। साथ ही, किन्नू के छिलकों से तेल निकालने की एक विशेष यूनिट भी शुरू की गई है। इस तेल की मांग खाद्य स्वाद, सौंदर्य प्रसाधन और दवा उद्योगों में बहुत अधिक है। इस तकनीक के माध्यम से अब अपशिष्ट समझे जाने वाले छिलकों से भी बड़ा मुनाफा कमाया जा सकेगा।
सब्जी की खेती में सुधार लाने के उद्देश्य से आलमगढ़ में हाई-टेक नर्सरी की वार्षिक पौध उत्पादन क्षमता को 16 लाख से बढ़ाकर 40 लाख कर दिया गया है। अत्याधुनिक जलवायु-नियंत्रित पॉलीहाउस के उपयोग से यहाँ स्वस्थ और मजबूत हाइब्रिड पौध तैयार की जाएगी। इससे किसानों को किफायती दरों पर उन्नत किस्म की पौध उपलब्ध होगी, जिससे फसल की उत्पादकता और लाभ दोनों बढ़ेंगे। गुरमीत सिंह खुडियां ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के मार्गदर्शन में सरकार पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर मूल्यवर्धन (वैल्यू एडिशन) पर ध्यान दे रही है ताकि वैश्विक बाजारों में पंजाब की स्थिति और मजबूत हो सके।