मुंबई। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को शनिवार को उस समय कड़े विरोध का सामना करना पड़ा जब वे एक मानहानि मामले में सुनवाई के लिए भिवंडी कोर्ट जा रहे थे। महाराष्ट्र के मुलुंड इलाके में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं ने उनके काफिले को काले झंडे दिखाए और उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अन्य कांग्रेस विरोधी नारों के साथ ‘लश्कर-ए-राहुल’ जैसे विवादित नारे भी लगाए, जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया।
यह पूरा मामला राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यकर्ता राजेश कुंटे द्वारा दायर किए गए मानहानि के एक पुराने मुकदमे से जुड़ा है। राजेश कुंटे ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि राहुल गांधी ने एक सार्वजनिक मंच से यह दावा किया था कि महात्मा गांधी की हत्या के पीछे संघ का हाथ था। कुंटे का तर्क है कि इस तरह की झूठी और निराधार टिप्पणी से आरएसएस की सामाजिक छवि को गहरा नुकसान पहुँचा है। इसी आधार पर उन्होंने भारतीय दंड संहिता की धारा 500 (मानहानि) के तहत राहुल गांधी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।
राहुल गांधी की भिवंडी कोर्ट में यह पेशी साल 2014 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान उनके द्वारा दिए गए एक बयान से संबंधित है। शनिवार को जब वे इसी मामले में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए कोर्ट की ओर बढ़ रहे थे, तभी मुलुंड में भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया। भाजपा का यह विरोध प्रदर्शन केवल मानहानि मामले तक सीमित नहीं था, बल्कि यह हाल ही में दिल्ली में हुई एक घटना की प्रतिक्रिया के रूप में भी देखा जा रहा है।
दरअसल, दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ के दौरान युवा कांग्रेस के सदस्यों ने कथित तौर पर कार्यक्रम को बाधित करने का प्रयास किया था। इसके विरोध में भाजपा ने दिल्ली, सूरत, हैदराबाद और मुंबई सहित देश के कई बड़े शहरों में प्रदर्शन करने का आह्वान किया था। बीते कल दिल्ली में हुए शिखर सम्मेलन के दौरान कांग्रेस के युवा सदस्य एक हॉल में नारेबाजी करते हुए घुस गए थे और अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौतों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया था। भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे कांग्रेस की इसी ‘नकारात्मक राजनीति’ के खिलाफ सड़कों पर उतरे हैं।
राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे इस कानूनी मामले ने एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में चर्चा छेड़ दी है। एक तरफ जहां कोर्ट में इस मामले की सुनवाई जारी है, वहीं सड़कों पर दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। सुरक्षा एजेंसियां राहुल गांधी की कोर्ट पेशी और विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए हाई अलर्ट पर हैं ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। फिलहाल, मुलुंड में हुई इस नारेबाजी और काले झंडे दिखाने की घटना ने सियासी पारे को और बढ़ा दिया है।
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