Himachal: मुख्यमंत्री ने ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ से की वीडियो कॉल, हवाई सफर के अनुभवों को साझा कर खिल उठे बच्चों के चेहरे – The Hill News

Himachal: मुख्यमंत्री ने ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ से की वीडियो कॉल, हवाई सफर के अनुभवों को साझा कर खिल उठे बच्चों के चेहरे

मंडी/शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को मंडी जिले के सुंदरनगर, तल्यार, भड़नाल और डैहर स्थित बाल देखभाल संस्थानों (सीसीआई) के बच्चों से वीडियो कॉल के माध्यम से बातचीत की। ये बच्चे ‘मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना’ के तहत वर्तमान में चंडीगढ़ और जयपुर के शैक्षिक एवं अनुभव भ्रमण पर हैं। बातचीत के दौरान जब मुख्यमंत्री ने बच्चों से उनके हवाई सफर के बारे में पूछा, तो बच्चों ने बड़े उत्साह के साथ बताया कि यह उनके जीवन का पहला फ्लाइट अनुभव था, जिसे वे कभी नहीं भूल पाएंगे।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने बच्चों को इस अवसर का भरपूर लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के भ्रमण से न केवल बच्चों को नई जगहों को देखने का मौका मिलता है, बल्कि विभिन्न विषयों को व्यावहारिक तरीके से समझने में भी मदद मिलती है। मुख्यमंत्री ने बच्चों के रहने और खाने-पीने की व्यवस्थाओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने बच्चों को सलाह दी कि वे अपने भ्रमण का आनंद लेने के साथ-साथ अपनी पढ़ाई पर भी पूरा ध्यान दें, विशेषकर आने वाली परीक्षाओं को देखते हुए कड़ी मेहनत करें। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार इन बच्चों की बेहतरी के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और 27 वर्ष की आयु तक उनकी देखभाल और सहायता की पूरी जिम्मेदारी सरकार की है।

इस शैक्षिक भ्रमण में चार बाल देखभाल संस्थानों के कुल 31 बच्चे भाग ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ‘मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना’ का उद्देश्य केवल अनाथ बच्चों को संरक्षण प्रदान करना नहीं है, बल्कि उनके लिए ऐसे अवसर पैदा करना है जिससे उनका भविष्य सुरक्षित और गरिमामय बन सके। उन्होंने कहा कि इन बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ के रूप में स्वीकार किया गया है, जिसका अर्थ है कि सरकार उनके माता-पिता की भूमिका निभा रही है।

इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य बच्चों को राष्ट्रीय एकता, देश की सांस्कृतिक विरासत, आधुनिक बुनियादी ढांचे और प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों से परिचित कराना है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस तरह के दौरों से बच्चों में आत्मविश्वास, जिज्ञासा और सामाजिक जागरूकता बढ़ती है, जो उनके सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान बच्चों की सुरक्षा, आराम और स्वास्थ्य में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए। इस अनूठी पहल से बच्चे न केवल देश की विविधता को समझ पा रहे हैं, बल्कि उन्हें यह अहसास भी हो रहा है कि राज्य सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।

 

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