देहरादून, 11 फरवरी। राजधानी के डालनवाला क्षेत्र में हुई गोलीबारी की गंभीर घटना के बाद पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। बुधवार को पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) गढ़वाल परिक्षेत्र राजीव स्वरूप ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों से घटना की विस्तृत जानकारी ली और उपलब्ध भौतिक व तकनीकी साक्ष्यों की गहन समीक्षा की। आईजी ने अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए पुलिस को आधुनिक संसाधनों का उपयोग करने और विशेष टीमों को सक्रिय करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
निरीक्षण के दौरान राजीव स्वरूप ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को निर्देशित किया कि आरोपियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए सर्विलांस और तकनीकी इनपुट का प्रभावी इस्तेमाल किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजधानी में इस तरह की दुस्साहसिक घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में ऐसी वारदातों को रोकने के लिए एक ठोस रणनीति तैयार की जाए।
घटना की गंभीरता को देखते हुए आईजी गढ़वाल ने परिक्षेत्रीय कार्यालय में जनपद देहरादून के सभी क्षेत्राधिकारियों (सीओ) के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक भी की। इस बैठक में उन्होंने हाल के दिनों में हुई आपराधिक घटनाओं पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए नई गाइडलाइंस जारी कीं। आईजी ने एक बड़ा फैसला लेते हुए कहा कि अब किसी भी क्षेत्र में अपराध होने पर केवल थानाध्यक्ष या चौकी प्रभारी ही नहीं, बल्कि संबंधित क्षेत्राधिकारी की जवाबदेही भी तय की जाएगी।
अधिकारियों को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि सभी क्षेत्राधिकारी अपने क्षेत्रों में नियमित रूप से गश्त करेंगे और पुलिस बल की सक्रिय उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने विवादित मामलों, विशेषकर भूमि विवाद और आपसी रंजिश से जुड़े प्रकरणों को प्राथमिकता पर सुलझाने के निर्देश दिए ताकि शांति व्यवस्था प्रभावित न हो। संदिग्ध व्यक्तियों की धरपकड़ के लिए रूटीन चेकिंग के साथ-साथ रैंडम चेकिंग अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया।
सोशल मीडिया के महत्व को रेखांकित करते हुए राजीव स्वरूप ने कहा कि किसी भी भ्रामक सूचना या अफवाह पर तत्काल वैधानिक कार्रवाई की जाए और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाए। उन्होंने बैंकों की सुरक्षा व्यवस्था का समय-समय पर निरीक्षण करने और शिक्षण संस्थानों में साइबर अपराध के प्रति जागरूकता बढ़ाने के भी निर्देश दिए। आईजी ने अंत में दोहराया कि पुलिस का मुख्य उद्देश्य आम जनता में सुरक्षा की भावना पैदा करना और अपराधियों के भीतर कानून का खौफ पैदा करना होना चाहिए। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।