कोटद्वार, 31 जनवरी।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को कोटद्वार में विकास और प्रकृति संरक्षण के एक अनूठे संगम का आगाज किया। उन्होंने सनेह क्षेत्र में आयोजित दो दिवसीय ‘बर्ड वाचिंग फेस्टिवल’ का विधिवत शुभारंभ किया और इस अवसर पर जनपद पौड़ी के लिए 326 करोड़ रुपये से अधिक की 61 विकास योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। इस भव्य आयोजन में भारी संख्या में जनसमूह उमड़ा, जिसने मुख्यमंत्री के विजन और क्षेत्र की जैव विविधता के प्रति उत्साह दिखाया।
कोटद्वार पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने सबसे पहले सिद्धबली मंदिर में पूजा-अर्चना कर राज्य की खुशहाली की कामना की। उन्होंने दिव्यांग बच्चों से मुलाकात कर उनकी शिक्षा के बारे में जानकारी ली और उनका उत्साहवर्धन किया। फेस्टिवल के उद्घाटन अवसर पर राजकीय कन्या इंटर कॉलेज की छात्राओं ने गढ़वाली स्वागत गान प्रस्तुत किया, जबकि हेरिटेज स्कूल के बच्चों ने पक्षी एवं प्रकृति संरक्षण पर आधारित शानदार प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया।
विकास कार्यों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कुल 32,612.33 लाख रुपये की परियोजनाओं की सौगात दी। इसमें 8,172.78 लाख रुपये की 21 योजनाओं का शिलान्यास और 24,439.55 लाख रुपये की 40 योजनाओं का लोकार्पण शामिल है। उन्होंने कहा कि कोटद्वार में बस टर्मिनल, आयुष चिकित्सालय, खोह नदी की सफाई के लिए एसटीपी और मालन नदी पर पुल निर्माण जैसे कार्य तेजी से चल रहे हैं। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने हल्दूखाता में पेयजल सुदृढ़ीकरण, राजकीय इंटर कॉलेज में आधुनिक कक्षाओं व प्रयोगशाला का निर्माण और झंडीचौड़ स्वास्थ्य केंद्र में 108 एम्बुलेंस सेवा शुरू करने जैसी कई नई घोषणाएं भी कीं।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पक्षियों के पारिस्थितिकी तंत्र में महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उत्तराखंड में देश की लगभग 1300 पक्षी प्रजातियों में से 400 से अधिक दुर्लभ प्रजातियां पाई जाती हैं। उन्होंने कहा कि बर्ड फेस्टिवल कोटद्वार को इको-टूरिज्म के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाएगा। महिलाओं की भूमिका पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि 21वीं सदी का यह दशक उत्तराखंड का दशक होगा और इसमें स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं का योगदान सर्वाधिक रहेगा। उन्होंने महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों की गुणवत्ता की सराहना करते हुए उन्हें ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया।
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बताते हुए सुझाव दिया कि इसे राज्य सरकार के आधिकारिक वार्षिक कैलेंडर में शामिल कर हर साल 31 जनवरी को ‘बर्ड फेस्टिवल दिवस’ के रूप में मनाया जाए। उन्होंने कहा कि कोटद्वार क्षेत्र में पक्षियों की लगभग 400 प्रजातियों का पाया जाना यहां की समृद्ध जैव विविधता को दर्शाता है।
जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह फेस्टिवल प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और संरक्षण का संदेश देता है। दो दिवसीय उत्सव के पहले दिन 2500 से अधिक लोगों ने प्रतिभाग किया, जिनमें बड़ी संख्या में छात्र, युवा और पक्षी प्रेमी शामिल रहे। कार्यक्रम में महंत दिलीप सिंह रावत, राजेंद्र अणथ्वाल, सर्वेश पंवार और कई अन्य गणमान्य नागरिक व अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री के इस दौरे से कोटद्वार क्षेत्र के विकास और पर्यटन को एक नई ऊर्जा मिली है।