नई दिल्ली/चंडीगढ़। देश के 77वें गणतंत्र दिवस के गौरवशाली अवसर पर राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य परेड में पंजाब की झांकी ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। इस वर्ष पंजाब की झांकी सिखों के नौवें गुरु, ‘हिंद दी चादर’ गुरु तेग बहादुर साहिब के सर्वोच्च बलिदान को समर्पित रही। इस ऐतिहासिक प्रस्तुति के माध्यम से न केवल गुरु साहिब की शहादत को नमन किया गया, बल्कि उनके द्वारा मानवता, न्याय और धार्मिक स्वतंत्रता के लिए दिए गए कालातीत संदेश को भी वैश्विक मंच पर प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया।
गणतंत्र दिवस की इस परेड में पंजाब की झांकी का शामिल होना राज्य और सिख समुदाय के लिए एक ऐतिहासिक क्षण रहा। यह झांकी विशेष रूप से गुरु तेग बहादुर साहिब के 350वें शहीदी वर्ष के उपलक्ष्य में तैयार की गई थी। कर्तव्य पथ पर जब यह झांकी गुजरी, तो वहां मौजूद जनसमूह और टीवी के माध्यम से देश-दुनिया में देख रहे करोड़ों लोगों ने गुरु साहिब के साहस और बलिदान को श्रद्धापूर्वक याद किया।
पंजाब की इस झांकी की सफलता और इसके गहरे संदेश पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कर्तव्य पथ पर गुरु तेग बहादुर साहिब के सर्वोच्च बलिदान को श्रद्धांजलि देती पंजाब की यह भव्य झांकी पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस प्रस्तुति ने न केवल राष्ट्र को गौरवान्वित किया, बल्कि देशवासियों को गुरु साहिब के महान बलिदान और मानवता के प्रति उनके शाश्वत संदेश की पुनः याद दिलाई।
वहीं, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस अवसर पर अपनी प्रसन्नता साझा करते हुए इसे पंजाब और सिख पंथ के लिए एक गौरवमयी उपलब्धि बताया। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह हमारे लिए बहुत सम्मान की बात है कि ‘हिंद दी चादर’ गुरु तेग बहादुर साहिब की 350वीं शहीदी वर्षगांठ को समर्पित झांकी को गणतंत्र दिवस की परेड में स्थान मिला। उन्होंने गुरु साहिब के जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनकी शहादत मानवाधिकारों की रक्षा, धार्मिक स्वतंत्रता और न्याय की स्थापना के लिए एक कभी न मिटने वाला प्रमाण है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि गुरु तेग बहादुर साहिब का जीवन और उनके सिद्धांत हमें आज भी अन्याय और दमन के विरुद्ध मजबूती से खड़े होने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने अपनी सरकार के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि पंजाब सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर नई पीढ़ी को गुरु साहिब के इतिहास और उनकी महान विरासत से परिचित कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। झांकी के माध्यम से सरकार ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि पंजाब की मिट्टी बलिदान और वीरता की भूमि रही है और राज्य सरकार इन गौरवशाली परंपराओं को संजोने का कार्य निरंतर करती रहेगी।
कर्तव्य पथ पर प्रदर्शित इस झांकी ने यह स्पष्ट कर दिया कि गुरु तेग बहादुर साहिब द्वारा स्थापित मूल्य आज के समय में भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने सदियों पहले थे। मानवता की भलाई के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले गुरु साहिब की स्मृति को इस प्रकार राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित करना, भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक एकता को और अधिक सुदृढ़ करता है। पंजाब की इस झांकी को दर्शकों और विशेषज्ञों की ओर से भी भारी सराहना मिली, जिसने गणतंत्र दिवस के समारोह को एक विशेष आध्यात्मिक गरिमा प्रदान की।
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