देहरादून। 77वें गणतंत्र दिवस के गौरवशाली अवसर पर उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में देशभक्ति और उत्साह का भव्य संगम देखने को मिला। राज्यपाल गुरमीत सिंह ने परेड ग्राउंड में आयोजित मुख्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और भव्य परेड की सलामी ली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी उपस्थित रहे। दोनों ने मिलकर सराहनीय सेवाओं के लिए पुलिस अधिकारियों और विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों को पदक प्रदान कर सम्मानित किया।
परेड ग्राउंड में आयोजित इस समारोह में राज्य के विभिन्न विभागों द्वारा अपनी नीतियों और उपलब्धियों पर आधारित मनमोहक झांकियों का प्रदर्शन किया गया। इस प्रतियोगिता में ‘उत्तराखण्ड रजत जयंती और शीतकालीन धार्मिक यात्रा व पर्यटन’ की थीम पर आधारित सूचना विभाग की झांकी को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। संस्कृत शिक्षा विभाग की झांकी दूसरे और विद्यालयी शिक्षा विभाग की झांकी तीसरे स्थान पर रही। इसके अतिरिक्त महिला सशक्तीकरण, ग्राम्य विकास, पर्यटन और वन विभाग सहित कई अन्य विभागों की झांकियों ने भी दर्शकों का मन मोह लिया।
परेड की टुकड़ियों में भी कड़ा मुकाबला देखने को मिला। शानदार मार्च पास्ट और अनुशासन के आधार पर सीआरपीएफ ने प्रथम स्थान हासिल किया। आईटीबीपी को द्वितीय और 14वीं डोगरा रेजीमेंट आर्मी को तृतीय स्थान मिला। राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने विजेता टुकड़ियों को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। परेड में सेना, पीएसी, उत्तराखंड होमगार्ड्स, एनसीसी और अश्व दल सहित कई सैन्य व अर्धसैनिक बलों ने हिस्सा लिया।
समारोह के दौरान उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति की झलक भी देखने को मिली। लोक कलाकारों ने छोलिया नृत्य, गढ़वाली नृत्य और पाइप बैंड की मधुर धुनों से पूरे मैदान को सराबोर कर दिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस विशेष अवसर पर लोकतंत्र सेनानियों, शहीद राज्य आंदोलनकारियों के परिजनों और आंदोलनकारियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित कर उनके योगदान को याद किया।
इससे पहले राज्यपाल गुरमीत सिंह ने लोक भवन में तिरंगा फहराया और समस्त प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने संविधान निर्माता भीमराव आंबेडकर को नमन करते हुए कहा कि गणतंत्र दिवस हमें लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त बनाने और ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को पूरा करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने राज्य के युवाओं और नारी शक्ति द्वारा नवाचार व स्टार्टअप के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की और आधुनिक तकनीक व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सकारात्मक उपयोग पर बल दिया।
समारोह में भगत सिंह कोश्यारी, रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, गीता धामी, सुबोध उनियाल, नरेश बंसल, महेन्द्र भट्ट, खजान दास, सौरभ थपलियाल, आनन्द बर्द्धन, दीपम सेठ, रविनाथ रामन, सविन बंसल और अजय सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
उत्कृष्ट सेवा के लिए नीरज सिंघल, मस्तू दास, अरुण कुमार सिंह और राकेश सिंह असवाल को सम्मानित किया गया। पुलिस विभाग में राज्यपाल उत्कृष्ट सेवा पदक प्राप्त करने वालों में यशपाल सिंह, नरोत्तम बिष्ट, देवेन्द्र कुमार, भूपेन्द्र सिंह मर्ताेलिया, सुनील कुमार और सुनील रावत शामिल रहे। गणतंत्र दिवस का यह उत्सव राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ।
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