नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने गाजा में जारी लंबे संघर्ष को समाप्त करने और क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने के लिए एक अत्यंत उच्च स्तरीय ‘पीस बोर्ड’ के गठन की घोषणा की है। इस बोर्ड का मुख्य कार्य गाजा में एक अस्थायी प्रशासनिक ढांचे की निगरानी करना और वहां के पुनर्निर्माण की दिशा में कार्य करना होगा। इस बोर्ड की सबसे महत्वपूर्ण और चर्चा में रहने वाली बात यह है कि इसमें भारतीय मूल के दिग्गज बैंकर और विश्व बैंक समूह के वर्तमान अध्यक्ष अजय बंगा को भी शामिल किया गया है। खुद डोनल्ड ट्रंप इस शक्तिशाली बोर्ड की अध्यक्षता करेंगे।
अजय बंगा को इस प्रतिष्ठित बोर्ड में शामिल करना उनके वैश्विक कद और वित्तीय विशेषज्ञता पर ट्रंप प्रशासन के अटूट विश्वास को दर्शाता है। अजय बंगा को अपनी कुशल वित्तीय रणनीतियों, प्रशासनिक सुधारों और जटिल वैश्विक समस्याओं के समाधान की क्षमता के लिए जाना जाता है। अब उनके कंधों पर गाजा जैसे युद्ध प्रभावित क्षेत्र की आर्थिक स्थिरता और प्रशासनिक ढांचे को फिर से खड़ा करने की एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी होगी।
कौन हैं अजय बंगा?
अजय बंगा एक प्रतिष्ठित भारतीय-अमेरिकी बिजनेस एग्जीक्यूटिव हैं, जिनके पास वित्त, बैंकिंग और आधुनिक प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में दशकों का अनुभव है। वर्तमान में वे विश्व बैंक समूह के 14वें अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अजय बंगा को फरवरी 2023 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने विश्व बैंक के नेतृत्व के लिए नामित किया था और उन्होंने 2 जून 2023 को अपना पदभार ग्रहण किया था। विश्व बैंक के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने संस्था को अधिक कुशल, तेज और प्रभावशाली बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुधार लागू किए हैं। उनके नेतृत्व में विश्व बैंक अब केवल ऋण देने वाली संस्था नहीं, बल्कि व्यावहारिक और प्रभावशाली विकास समाधानों पर केंद्रित एक वैश्विक भागीदार के रूप में उभरा है।
पारिवारिक पृष्ठभूमि और शिक्षा
अजय बंगा का जन्म 10 नवंबर 1959 को महाराष्ट्र के खड़की में एक सिख परिवार में हुआ था। उनके पिता भारतीय सेना में एक सम्मानित अधिकारी थे, जिससे उन्हें बचपन से ही अनुशासन और सेवा की भावना विरासत में मिली। अजय ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा के बाद दिल्ली के प्रतिष्ठित सेंट स्टीफंस कॉलेज से अर्थशास्त्र में स्नातक (ऑनर्स) किया। इसके बाद उन्होंने प्रबंधन की बारीकियां सीखने के लिए भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम), अहमदाबाद से एमबीए की डिग्री हासिल की।
व्यावसायिक सफर और उपलब्धियां
विश्व बैंक का अध्यक्ष बनने से पहले अजय बंगा ‘मास्टरकार्ड’ के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुके थे। उनके कार्यकाल के दौरान मास्टरकार्ड ने वैश्विक स्तर पर अभूतपूर्व प्रगति की। उन्होंने समान आर्थिक अवसरों को बढ़ावा देने के लिए ‘मास्टरकार्ड सेंटर फॉर इन्क्लूसिव ग्रोथ’ की भी नींव रखी थी। इसके अलावा वे ‘इंटरनेशनल चैंबर ऑफ कॉमर्स’ के अध्यक्ष रह चुके हैं और अमेरिकन रेड क्रॉस, क्राफ्ट फूड्स व डॉव इंक जैसे वैश्विक संगठनों के बोर्ड में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभा चुके हैं।
अजय बंगा के कार्यों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है। उन्हें 2016 में भारत सरकार द्वारा ‘पद्म श्री’ से सम्मानित किया गया था। इसके अलावा उन्हें सिंगापुर का ‘पब्लिक सर्विस स्टार’ और ‘फॉरेन पॉलिसी एसोसिएशन मेडल’ जैसे कई गौरवशाली पुरस्कार मिल चुके हैं। अब ट्रंप के ‘पीस बोर्ड’ में उनकी सक्रियता न केवल गाजा के भविष्य के लिए अहम होगी, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और अर्थनीति में भारत की बढ़ती धमक को भी प्रदर्शित करेगा। गाजा में शांति बहाली और पुनर्निर्माण के इस कठिन मिशन में बंगा की भूमिका पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी होंगी।
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