Uttarakhand: उत्तराखंड कैबिनेट के बड़े फैसले और गन्ने के दाम से लेकर उपनल कर्मियों तक मिली बड़ी सौगात – The Hill News

Uttarakhand: उत्तराखंड कैबिनेट के बड़े फैसले और गन्ने के दाम से लेकर उपनल कर्मियों तक मिली बड़ी सौगात

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश के विकास और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णयों पर मुहर लगाई गई है। इस बैठक में किसानों, कर्मचारियों, युवाओं और न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए व्यापक कदम उठाए गए हैं। सरकार ने गन्ना किसानों के लिए परामर्शित मूल्य निर्धारित करने के साथ ही उपनल कर्मियों के लिए ‘समान कार्य के लिए समान वेतन’ की दिशा में ऐतिहासिक निर्णय लिया है।

मंत्रिमंडल ने गन्ना किसानों को बड़ी राहत देते हुए पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ने के दामों में वृद्धि को मंजूरी दी है। अब अगेती प्रजाति के गन्ने के लिए 405 रुपये प्रति क्विंटल और सामान्य प्रजाति के लिए 395 रुपये प्रति क्विंटल का मूल्य निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही प्रदेश की सहकारी और सार्वजनिक क्षेत्र की चीनी मिलों, जिनमें डोईवाला, किच्छा, नादेही और बाजपुर शामिल हैं, उन्हें बैंकों से ऋण प्राप्त करने के लिए 270.28 करोड़ रुपये की शासकीय प्रत्याभूति देने का भी फैसला लिया गया है।

कर्मचारियों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए कैबिनेट ने उपनल के माध्यम से कार्यरत कर्मियों को चरणबद्ध तरीके से समान कार्य के लिए समान वेतन का लाभ देने का निर्णय लिया है। प्रथम चरण में उन उपनल कर्मियों को इस श्रेणी में रखा जाएगा जिन्होंने 10 वर्ष की निरंतर सेवा पूरी कर ली है। इसके अतिरिक्त, निर्वाचन विभाग के निजी सचिव संवर्ग की नई सेवा नियमावली 2025 को भी अनुमोदित किया गया है, जिससे पदोन्नति और भर्ती की प्रक्रिया सुगम होगी।

शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में उत्तराखंड संस्कृत अकादमी, हरिद्वार का नाम बदलकर ‘उत्तराखंड संस्कृत संस्थानम्’ करने का निर्णय लिया गया है। दून विश्वविद्यालय में ‘हिन्दू अध्ययन केंद्र’ की स्थापना के लिए 6 पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। साथ ही अल्मोड़ा और चम्पावत में विज्ञान केंद्रों के सुचारू संचालन के लिए 12 नए पदों को सृजित किया जाएगा।

न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के क्रम में राज्य के चार प्रमुख जनपदों—देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधम सिंह नगर में 16 विशेष न्यायालयों की स्थापना की जाएगी। ये न्यायालय मुख्य रूप से एनडीपीएस, पोक्सो, भ्रष्टाचार निवारण और पीएमएलए जैसे गंभीर मामलों का त्वरित निस्तारण करेंगे। इसके लिए कुल 144 नए पदों के सृजन को स्वीकृति दी गई है।

पर्यटन और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए ‘उत्तराखंड होम स्टे एवं बेड एंड ब्रेकफास्ट पंजीकरण नियमावली-2026’ प्रख्यापित की गई है। इसके तहत अब होम स्टे योजना का लाभ केवल उत्तराखंड के स्थायी निवासी ही उठा सकेंगे, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अधिक अवसर मिलेंगे। केदारनाथ धाम में पर्यावरण संरक्षण के लिए एक अनूठा पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा, जिसमें खच्चर के गोबर और चीड़ की पत्तियों को मिलाकर ईंधन के रूप में उपयोग होने वाले बायोमास पेलेट बनाए जाएंगे।

खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘खेल महाकुंभ’ की पुरस्कार राशि में भारी बढ़ोतरी की गई है। अब विधानसभा स्तर पर विजेता को 1 लाख, संसदीय स्तर पर 2 लाख और राज्य स्तर पर 5 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी। बागवानी के क्षेत्र में ओलावृष्टि से फसलों को बचाने के लिए केंद्र सरकार की सहायता के अतिरिक्त राज्य सरकार 25 प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी प्रदान करेगी। अंत में, मुख्यमंत्री को वर्ष 2026 के विधानसभा बजट सत्र को आहूत करने के लिए अधिकृत किया गया है। कैबिनेट के इन फैसलों से प्रदेश की अर्थव्यवस्था और सामाजिक ढांचे को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

 

Pls read:Uttarakhand: सीमावर्ती गांवों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करेगा आईटीबीपी और राज्य सरकार का साझा अभियान

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *