देहरादून। उत्तराखंड ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विकास क्षमताओं का लोहा मनवाया है। नीति आयोग द्वारा जारी किए गए निर्यात तैयारी सूचकांक (एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स – ईपीआई) 2024 में उत्तराखंड को छोटे राज्यों की श्रेणी में देश का सबसे उत्कृष्ट राज्य घोषित किया गया है। यह उपलब्धि राज्य सरकार की उन नीतियों की सफलता को दर्शाती है जो औद्योगिक विकास और वैश्विक व्यापार को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई हैं। उत्तराखंड का पहला स्थान पाना न केवल प्रदेश के लिए गौरव की बात है, बल्कि यह हिमालयी क्षेत्रों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा संकेत भी है।
नीति आयोग की यह रिपोर्ट मुख्य रूप से चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित होती है—नीतिगत ढांचा, व्यावसायिक पारिस्थितिकी तंत्र, निर्यात पारिस्थितिकी तंत्र और निर्यात प्रदर्शन। उत्तराखंड ने इन सभी मापदंडों पर शानदार प्रदर्शन किया है। विशेष रूप से राज्य के बेहतर कारोबारी माहौल और सुदृढ़ बुनियादी ढांचे ने उसे अन्य छोटे राज्यों के मुकाबले बड़ी बढ़त दिलाई है। राज्य सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए कई महत्वपूर्ण सुधार किए हैं, जिससे निर्यात के क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा हुई हैं।
इस ऐतिहासिक सफलता पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि निर्यात तैयारी सूचकांक 2024 में उत्तराखंड का शीर्ष स्थान प्राप्त करना राज्य के प्रत्येक नागरिक और मेहनती उद्यमियों के प्रयासों का परिणाम है। धामी ने स्पष्ट किया कि यह उनकी सरकार की उद्योग समर्थक नीतियों, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और निर्यात को बढ़ावा देने की सतत कोशिशों की जीत है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह रैंकिंग भविष्य में राज्य के भीतर बड़े अंतरराष्ट्रीय निवेश को आकर्षित करने में सहायक सिद्ध होगी।
मुख्यमंत्री ने भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा करते हुए कहा कि सरकार का अगला लक्ष्य उत्तराखंड के प्रत्येक जिले के विशिष्ट उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाना है। उन्होंने स्थानीय उत्पादों को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने की बात कही। धामी के अनुसार, जब छोटे स्तर के उत्पाद अंतरराष्ट्रीय मंच पर बिकेंगे, तो इससे न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि राज्य की समग्र अर्थव्यवस्था भी और अधिक सशक्त व आत्मनिर्भर बनेगी। यह उपलब्धि उनके उस संकल्प को मजबूती प्रदान करती है जिसमें वे उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शामिल करना चाहते हैं।
नीति आयोग की रिपोर्ट में निर्यात को किसी भी क्षेत्र के आर्थिक विकास का मुख्य इंजन बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, निर्यात गतिविधियों में वृद्धि होने से न केवल देश को बेशकीमती विदेशी मुद्रा की प्राप्ति होती है, बल्कि स्थानीय उद्योग भी वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं का अभिन्न हिस्सा बन जाते हैं। इससे व्यापार घाटे को कम करने में भी बड़ी मदद मिलती है। उत्तराखंड ने जिस तरह से अपनी कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद निर्यात के मोर्चे पर प्रथम स्थान हासिल किया है, वह अन्य पहाड़ी राज्यों के लिए भी एक बड़ी प्रेरणा बनकर उभरा है।
उत्तराखंड की इस कामयाबी के पीछे परिवहन नेटवर्क में सुधार, डिजिटल कनेक्टिविटी और प्रशासनिक पारदर्शिता जैसे कारकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। राज्य सरकार ने औद्योगिक गलियारों के विकास और व्यापार करने की प्रक्रिया को सरल बनाने की दिशा में जो काम किए हैं, उनका असर अब जमीन पर दिखने लगा है। नीति आयोग द्वारा दी गई यह रैंकिंग प्रमाणित करती है कि उत्तराखंड अब केवल पर्यटन तक सीमित नहीं है, बल्कि एक औद्योगिक शक्ति के रूप में भी तेजी से उभर रहा है। पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य अब अपनी निर्यात क्षमताओं का विस्तार करने और वैश्विक व्यापार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रहा है।