Uttarakhand: स्वामी विवेकानंद के आदर्शों से विकसित भारत का संकल्प होगा साकार बोले पुष्कर सिंह धामी

देहरादून। राष्ट्रीय युवा दिवस के पावन अवसर पर सोमवार को राजधानी देहरादून के परेड ग्राउंड में एक भव्य समारोह आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस कार्यक्रम में शिरकत करते हुए विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाले प्रदेश के महिला और युवक मंगल दलों को पुरस्कृत किया। स्वामी विवेकानंद के जन्मदिवस को समर्पित इस दिन मुख्यमंत्री ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी पूंजी बताया और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।

पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मंगल दलों को सम्मानित किया। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले दलों को 1 लाख रुपये, द्वितीय स्थान के लिए 50 हजार रुपये और तृतीय स्थान के लिए 25 हजार रुपये की सम्मान राशि प्रदान की गई। महिला मंगल दलों में नैनीताल के धापला को प्रथम, चमोली के सेमा को द्वितीय और टिहरी गढ़वाल के बनाली को तृतीय पुरस्कार मिला। वहीं, युवक मंगल दलों में चमोली के मोख मल्ला को प्रथम, नैनीताल के सुंदरपुर रैक्वाल को द्वितीय और चम्पावत के चौडीराय को तृतीय स्थान पर पुरस्कृत किया गया। इसके अतिरिक्त भाषण प्रतियोगिता के विजेताओं और एनएसएस अवार्ड से सम्मानित युवाओं का भी अभिनंदन किया गया। इस दौरान एनएसएस ने मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 2 लाख 24 हजार 320 रुपये की राशि का चेक मुख्यमंत्री को भेंट किया।

स्वामी विवेकानंद को श्रद्धांजलि देते हुए पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें एक ऐसा युगद्रष्टा ऋषि बताया, जिन्होंने गुलामी के दौर में भारतीय राष्ट्र के भीतर सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की चेतना को पुनः जीवित किया। उन्होंने विवेकानंद के शिकागो उद्बोधन का स्मरण करते हुए कहा कि उनके ज्ञान और विवेक ने पश्चिमी जगत को भारतीय आध्यात्मिकता की शक्ति से रूबरू कराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विवेकानंद का अटूट विश्वास युवा शक्ति में था और वे उन्हें राष्ट्र के पुनर्जागरण का सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ मानते थे।

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि कोई भी राष्ट्र तब तक सर्वांगीण विकास नहीं कर सकता जब तक उसकी युवा शक्ति संगठित और आत्मनिर्भर न हो। युवा प्रतिभा और संकल्प के बल पर ही एक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार हो सकता है। इसी ऊर्जा को सही दिशा देकर भारत पुनः विश्व गुरु के रूप में स्थापित होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही योजनाओं जैसे स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया और फिट इंडिया का उल्लेख करते हुए कहा कि ये युवाओं को अपनी क्षमता के अनुसार अवसर प्रदान कर रही हैं।

राज्य सरकार के प्रयासों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड में नई स्टार्टअप नीति के माध्यम से नवाचार को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और कौशल विकास योजनाओं के जरिए युवाओं को न केवल प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग दिया जा रहा है, बल्कि आर्थिक सहायता भी सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने बदलते रोजगार परिदृश्य को देखते हुए युवाओं को ‘फ्यूचर रेडी’ बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड स्वामी विवेकानंद की तपस्थली रहा है, इसलिए सरकार उन सभी स्थानों को चिह्नित कर ‘स्वामी विवेकानंद कॉरिडोर’ बनाने का निर्णय ले चुकी है।

इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि विवेकानंद ने विश्व में भारतीय संस्कृति की सर्वोच्चता स्थापित की और उनकी शिक्षाएं आज भी हमें प्रेरित कर रही हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में उत्तराखंड अग्रणी भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम में विधायक खजान दास, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा और खेल निदेशक डॉ. आशीष चौहान सहित कई गणमान्य व्यक्ति और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने सभी युवाओं से राष्ट्र सेवा के प्रति संकल्पित होने और समाज की मुख्यधारा में सक्रिय योगदान देने की अपील की।

 

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