Uttarakhand: मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर जयदीप सिंह को तुरंत मिला ठेकेदारी पंजीकरण प्रशासन ने मौके पर ही निपटाया चार दिन से लंबित काम

गोपेश्वर। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में संचालित ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान का असर अब धरातल पर साफ दिखने लगा है। ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण’ पखवाड़े के तहत आयोजित कार्यक्रमों में जनता की समस्याओं का न केवल श्रवण किया जा रहा है, बल्कि उनका मौके पर ही समाधान सुनिश्चित कर सुशासन की नई मिसाल पेश की जा रही है। चमोली जिले में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में ऐसा ही एक मामला सामने आया, जहाँ मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद एक युवक की चार दिनों से अटकी फाइल कुछ ही घंटों में पूरी हो गई और उसे पंजीकरण प्रमाण-पत्र सौंप दिया गया।

दरअसल, विकासखंड दशोली के अंतर्गत ग्राम कौजपोथनी के रहने वाले जयदीप सिंह लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में ठेकेदारी पंजीकरण के लिए प्रयासरत थे। उन्होंने मोटर मार्ग और पुलिया निर्माण जैसे छोटे विकास कार्यों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विभाग के पास आवेदन किया था। जयदीप सिंह का आरोप था कि उनके आवेदन की सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद वह पिछले चार दिनों से दफ्तर के चक्कर काट रहे थे और विभाग स्तर पर प्रक्रिया लंबित पड़ी थी।

बुधवार को जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी गोपेश्वर के पुलिस मैदान में आयोजित जन-संवाद कार्यक्रम में लोगों की शिकायतें सुन रहे थे, तब जयदीप सिंह ने साहस जुटाकर अपनी समस्या उनके सामने रखी। उन्होंने बताया कि किस तरह विभाग द्वारा मामूली औपचारिकता के लिए उन्हें चार दिनों से प्रतीक्षा कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने इस शिकायत को बेहद गंभीरता से लिया और प्रशासनिक शिथिलता पर कड़ा रुख अपनाया।

पुष्कर सिंह धामी ने मौके पर ही उपस्थित लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को तलब किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि आवेदन में कोई तकनीकी कमी नहीं है, तो उसे अनावश्यक रूप से लटकाना जनता के प्रति अन्याय है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आदेश दिया कि जयदीप सिंह के पंजीकरण से जुड़ी सभी शेष औपचारिकताएं आज ही, इसी समय पूरी की जाएं और निस्तारण की रिपोर्ट उन्हें सौंपी जाए।

मुख्यमंत्री के तेवर और स्पष्ट निर्देशों के बाद सरकारी मशीनरी तुरंत हरकत में आई। विभागीय अधिकारियों ने आनन-फानन में लंबित फाइल को निकाला और आवश्यक दस्तावेजों की जांच कर डिजिटल व कागजी प्रक्रिया को पूरा किया। परिणाम यह रहा कि शिविर के समापन से पहले ही जयदीप सिंह की समस्या का पूर्ण समाधान हो गया। उन्हें शिविर स्थल पर ही ठेकेदारी पंजीकरण का आधिकारिक प्रमाण-पत्र सौंप दिया गया।

अपना प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के बाद जयदीप सिंह के चेहरे पर संतोष और खुशी के भाव साफ देखे जा सकते थे। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि जिस काम के लिए उन्हें दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे थे, वह एक झटके में हल हो जाएगा। जयदीप के अनुसार, सरकार का जनता के बीच आकर इस तरह काम करना आम नागरिकों के लिए एक बड़ा सहारा है और इससे सरकारी तंत्र के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा है।

 

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