शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के दुर्गम और जनजातीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बड़ी आर्थिक राहत प्रदान की है। सर्दियों के कठिन समय को देखते हुए सरकार ने इन क्षेत्रों के पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में सामाजिक सुरक्षा पेंशन और ‘इंदिरा प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना’ की राशि हस्तांतरित कर दी है। इस कदम से जनजातीय क्षेत्रों के हजारों परिवारों को आर्थिक संबल मिलेगा। यह धनराशि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अंतर्गत आने वाले निदेशालय (अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं विशेष रूप से सक्षम) के माध्यम से बुधवार को जारी की गई।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जनजातीय क्षेत्रों के कुल 19,202 लोग सामाजिक सुरक्षा पेंशन के दायरे में आए हैं। इन लाभार्थियों को उनके पात्रता वर्ग के आधार पर 1150 रुपये से लेकर 1700 रुपये प्रति माह की पेंशन दी जा रही है। इस बार प्रशासन ने इन लोगों के लिए तीन महीने की पेंशन एक साथ जारी की है, जिसकी कुल लागत 18.52 करोड़ रुपये बैठती है। यह राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचाई गई है ताकि उन्हें अपनी जरूरतों के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
इसी के साथ, महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए शुरू की गई ‘इंदिरा प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना’ के तहत भी भारी भरकम बजट जारी किया गया है। प्रदेश के पांगी, लाहुल स्पीति, कुपवी और डोडरा क्वार जैसे दुर्गम क्षेत्रों की 18 से 59 वर्ष की आयु वर्ग वाली 5777 महिलाओं को इस योजना का लाभ मिला है। इन महिलाओं को 1500 रुपये प्रति माह के हिसाब से पिछले नौ महीनों (अप्रैल से दिसंबर तक) की बकाया राशि एक साथ जारी की गई है। इस मद में सरकार ने कुल 7.80 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। उल्लेखनीय है कि इन महिलाओं को पहले 1500 रुपये की केवल तीन महीने की पहली किस्त ही मिली थी, जबकि अब शेष किस्तों का भुगतान कर दिया गया है। राज्य सरकार का दावा है कि पूरे प्रदेश में 18 से 59 वर्ष की लगभग 35 हजार से अधिक महिलाओं को इस योजना के तहत प्रतिमाह आर्थिक सहायता दी जा रही है।
जनजातीय क्षेत्रों में इस तरह अग्रिम भुगतान की एक पुरानी परंपरा और आवश्यकता रही है। हिमाचल प्रदेश के ये क्षेत्र सर्दियों के दौरान भारी बर्फबारी के कारण देश और दुनिया के अन्य हिस्सों से पूरी तरह कट जाते थे। छह महीने तक संपर्क मार्ग बंद रहने के कारण यहां के निवासियों को राशन से लेकर नकदी तक का इंतजाम पहले ही करना पड़ता था। इसी कठिनाई को देखते हुए सरकार यहां के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को छह महीने का वेतन और पेंशन एडवांस में देने की व्यवस्था करती रही है। हालांकि, वर्तमान समय में तकनीक और बुनियादी ढांचे के विकास के कारण अब ये क्षेत्र पहले की तरह छह महीने तक संपर्क से बाहर नहीं रहते, फिर भी सरकार ने सुरक्षा और सुविधा की दृष्टि से अग्रिम भुगतान की इस व्यवस्था को जारी रखा है।
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने इस भुगतान की पुष्टि करते हुए बताया कि सरकार जनजातीय क्षेत्रों के विकास और वहां के नागरिकों की सुख-सुविधाओं के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 19,202 लोगों को तीन महीने की सामाजिक सुरक्षा पेंशन और 5777 महिलाओं को नौ महीने की सुख सम्मान निधि जारी कर दी गई है। इस वित्तीय सहायता से जनजातीय समुदायों को सर्दियों के मौसम में अपनी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति करने में मदद मिलेगी। सरकार का यह कदम दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के प्रति उसकी संवेदनशीलता को दर्शाता है। लाभार्थियों ने भी समय पर सहायता राशि मिलने पर संतोष व्यक्त किया है।
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