शिमला। हिमाचल प्रदेश ने सूचना प्रौद्योगिकी का प्रभावी इस्तेमाल कर जन सेवाओं को सुलभ, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने में देश भर में नंबर वन राज्य का दर्जा हासिल किया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार शाम सोसाइटी फॉर प्रमोशन ऑफ आईटी एंड ई गवर्नेंस यानी साइटेग की जनरल हाउस बैठक को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने गर्व से कहा कि आज राज्य के दूरदराज और जनजातीय क्षेत्रों में भी अधिकांश सरकारी सेवाएं माउस के एक क्लिक पर नागरिकों के लिए उपलब्ध हैं जो सुशासन की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
मुख्यमंत्री ने हिम उपस्थिति एप्लिकेशन की समीक्षा करते हुए इसकी दक्षता और पारदर्शिता बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने आदेश दिया कि सभी राज्य कर्मचारियों का हिम एक्सेस पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य किया जाए और इसे एक महीने के भीतर पूरा किया जाए। एसेट मैपिंग एप्लिकेशन लॉन्च करते हुए उन्होंने कहा कि इससे नागरिकों की संपत्तियों की व्यापक जानकारी मिलेगी जिससे बुनियादी ढांचे के विकास और नीति निर्माण में मदद मिलेगी।
राजस्व सेवाओं को और तेज बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए हिम सेवा पोर्टल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई आधारित दस्तावेज सत्यापन प्रणाली को जोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह सिस्टम दस्तावेजों को अपलोड करते समय ही स्कैन करेगा और त्रुटियों की पहचान करेगा। इससे अधिकारियों का काम आसान होगा और आवेदकों को बार बार दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। एआई सिस्टम नाम, जन्मतिथि और आधार नंबर जैसी जानकारी का तुरंत मिलान करेगा और कमियों को रियल टाइम में बताएगा।
सुक्खू ने हिम परिवार पोर्टल के तहत पंचायत स्तर तक व्यापक मैपिंग सुनिश्चित करने और सामाजिक आर्थिक डेटा को शामिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एआई और ब्लॉकचेन तकनीक को ई गवर्नेंस में शामिल कर रही है। एआई से सेवा गुणवत्ता सुधरेगा और शिकायतों का निपटारा तेज होगा जबकि ब्लॉकचेन से डेटा सुरक्षा मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री ने लोक मित्र केंद्रों की संख्या बढ़ाने के भी निर्देश दिए और उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा वितरण की रीढ़ बताया। मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार गोकुल बुटेल ने बताया कि डेलॉयट के प्रमुख सम्मेलन आरोहण 2025 में हिमाचल के हिम परिवार प्रोजेक्ट को विशेष सम्मान मिला है। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव केके पंत, श्याम भगत नेगी और विभिन्न विभागों के सचिव मौजूद रहे।