लखनऊ। उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर बनाने के लक्ष्य को साधने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जल्द ही जापान के दौरे पर जाएंगे। राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री का यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। उनके साथ औद्योगिक विकास विभाग और अन्य संबंधित विभागों के मंत्री व अधिकारी भी इस दौरे पर जाएंगे। इन्वेस्ट यूपी ने मुख्यमंत्री की इस यात्रा की तैयारियां जोर शोर से शुरू कर दी हैं और इसके लिए जमीन तैयार की जा रही है।
इन्वेस्ट यूपी पिछले छह महीने से विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। इसी कड़ी में चाइना प्लस योजना के तहत उन देशों पर खास फोकस किया जा रहा है जिन्होंने चीन में भारी निवेश कर रखा है। इन निवेशकों को उत्तर प्रदेश की ओर आकर्षित करने के लिए इन्वेस्ट यूपी ने छह देशों की विशेष डेस्क और टीमें गठित की हैं। अक्टूबर महीने में इन्वेस्ट यूपी के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शशांक चौधरी के नेतृत्व में एक टीम ने जापान का दौरा किया था और वहां 40 से ज्यादा निवेशकों के साथ बैठकें कर निवेश की नींव रखी थी। इस दौरे की रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी है।
सरकार को उम्मीद है कि जापान से राज्य को करीब 20 हजार करोड़ रुपये का बड़ा औद्योगिक निवेश मिल सकता है। इसी संभावना को हकीकत में बदलने के लिए मुख्यमंत्री के जापान दौरे की रूपरेखा तैयार की जा रही है। हालांकि अभी तक दौरे की कोई निश्चित तारीख तय नहीं हुई है लेकिन माना जा रहा है कि ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी यानी जीबीसी 5 से पहले यह दौरा संपन्न हो जाएगा।
मुख्यमंत्री बनने के बाद यह योगी आदित्यनाथ का पांचवां विदेश दौरा होगा। इससे पहले अगस्त 2017 में उन्होंने म्यांमार का दौरा किया था जहां वे यंगून में पर्यावरण पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए थे। इसके बाद नवंबर 2017 में मॉरीशस में प्रवासी भोजपुरी सम्मेलन और दिसंबर 2018 में नेपाल के जनकपुर में राम सीता विवाह पंचमी समारोह में हिस्सा लिया था। साल 2019 में वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ रूस के दौरे पर भी गए थे। अब जापान दौरा राज्य के औद्योगिक विकास के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है।